सिंगरौली। कांग्रेस विधायक और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य आरिफ मसूद अपने पहले सिंगरौली दौरे पर पहुंचे। ट्रेन लेट होने के कारण वे निर्धारित समय से करीब छह घंटे की देरी से बैढ़न पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर बिलौंजी स्थित अटल सामुदायिक भवन में मुस्लिम एकता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें जिलेभर से अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन में समुदाय से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ सिंगरौली जिले की बुनियादी समस्याओं और विकास से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई। दौरे के दौरान मसूद ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और जिले की समस्याओं को विधानसभा में उठाने की बात कही।
सिंगरौली के विकास को लेकर सरकार पर निशाना
मीडिया से बातचीत में विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि सिंगरौली मध्य प्रदेश को बड़ी मात्रा में राजस्व देता है, लेकिन इसके बावजूद जिले में विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होने के बावजूद सिंगरौली के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मसूद ने कहा कि जिले को राजस्व में योगदान के अनुरूप विकास और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
आरक्षण के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
आरिफ मसूद ने आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने समाज के हितों को ध्यान में रखकर आरक्षण दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार अदालत में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में सफल नहीं रही।
उन्होंने कहा कि आरक्षण से जुड़े मामले में सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस संबंध में उनके आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने नहीं आया है।
विधानसभा में उठाएंगे सिंगरौली की समस्याएं
दौरे के दौरान आरिफ मसूद ने स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे सिंगरौली की प्रमुख समस्याओं को आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिले की जनता की मांगों और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से रखा जाएगा, ताकि संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई हो सके।
मुस्लिम एकता सम्मेलन के जरिए समुदाय से जुड़े सवालों और जिले की बुनियादी जरूरतों पर चर्चा के बीच मसूद का यह दौरा स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।