विदिशा। धार्मिक आस्था और रचनात्मकता का अनूठा संगम मध्य प्रदेश के विदिशा में देखने को मिल रहा है। यहां मोहनगिरी तिराहे को एक भव्य रेलवे स्टेशन की थीम पर सजाया जा रहा है। समिति ने इसे ‘मोहनगिरी तिराहा जंक्शन’ का स्वरूप दिया है। भारतीय रेल की थीम पर तैयार की जा रही यह झांकी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है।

झांकी में भाप से चलने वाले स्टीम इंजन के साथ 10 डिब्बों वाली ट्रेन तैयार की गई है। धार्मिक स्वरूपों और रेलवे स्टेशन की सजावट के मेल ने इसे अनूठा रूप दिया है।
इंजन चालक बने भगवान शिव, गार्ड के रूप में गणेश
इस झांकी की सबसे खास बात इसमें देवी-देवताओं को अलग-अलग रेल भूमिकाओं में दर्शाना है। यहां भगवान भोलेनाथ को ट्रेन के इंजन चालक के रूप में दिखाया गया है। वहीं, ट्रेन के विभिन्न डिब्बों में देवी मां के अलग-अलग स्वरूप विराजमान हैं।
एक विशेष डिब्बे में भगवान गणेश को गार्ड के रूप में दर्शाया गया है। धार्मिक प्रतीकों और ट्रेन की संरचना को मिलाकर तैयार की गई यह सजावट लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
श्रद्धालुओं को मिलेगा रेलवे स्टेशन जैसा अनुभव
मोहनगिरी तिराहा समिति के सदस्यों और स्थानीय कलाकारों सोनू राजपूत, पवन पेंटर और स्टेशन मास्टर के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन और ट्रेन यात्रा का जीवंत अनुभव देना है।
समिति की ओर से मोहनगिरी जंक्शन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत की भी व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि धार्मिक आस्था और कलात्मक सजावट का यह अनूठा मेल लोगों को आकर्षित करेगा।
धार्मिक आस्था के साथ रचनात्मकता की झलक
मोहनगिरी तिराहे पर तैयार हो रही यह झांकी धार्मिक आयोजन को एक अलग पहचान दे रही है। स्टीम इंजन, 10 डिब्बों वाली ट्रेन और देवी-देवताओं के अनूठे स्वरूपों के कारण यह स्थान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आयोजकों के अनुसार, श्रद्धालु यहां पहुंचकर सजावट का आनंद लेने के साथ धार्मिक वातावरण का अनुभव भी कर सकेंगे।