इंदौर में 55 सेकंड के वंदे मातरम गायन पर विवाद
मध्य प्रदेश के इंदौर कांग्रेस कार्यालय में 15 अगस्त के ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का कथित तौर पर केवल 55 सेकंड का अंश गाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
भाजपा ने इसे राष्ट्रीय गीत के निर्धारित प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए आपत्ति जताई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।

भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने प्रशासन से कार्यक्रम की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पर्व पर वंदे मातरम की गरिमा और निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच जरूरी है।
भाजपा ने:
- कार्यक्रम की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच,
- लागू सरकारी निर्देशों की समीक्षा,
- कांग्रेस नेताओं चिंटू चौकसे, विपिन वानखेड़े और जीतू पटवारी की भूमिका की जांच,
- तथा लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।
राकेश सिंह यादव ने यह भी कहा कि वंदे मातरम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
भाजपा ने इस मामले में BNS की धारा 223 समेत अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, केवल 55 सेकंड का अंश गाया जाना अपने-आप में कानूनी उल्लंघन है या नहीं, यह लागू प्रोटोकॉल और कार्यक्रम की परिस्थितियों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस मामले ने मध्य प्रदेश में पहले से चल रहे वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।