November 5, 2026

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। वार्ड 17 के न्यू रामनगर में एक महिला का सोने का मंगलसूत्र गलती से कचरे के साथ कचरा कलेक्शन गाड़ी में चला गया। महिला को जब मंगलसूत्र गायब होने का पता चला, तो वह अपने बेटे के साथ कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंची। यहां कर्मचारियों ने कचरा गाड़ी को खाली होने से पहले ही रुकवा दिया और करीब एक घंटे तक कचरे में तलाश करने के बाद मंगलसूत्र खोज निकाला। कीमती गहना वापस मिलने पर महिला और उसके बेटे ने नगर निगम की टीम का आभार जताया।

कचरे के साथ गाड़ी में चला गया सोने का मंगलसूत्र

जानकारी के मुताबिक, वार्ड 17 के न्यू रामनगर इलाके में नगर निगम की कचरा कलेक्शन गाड़ी रोज की तरह घरों से गीला और सूखा कचरा एकत्र कर रही थी। वाहन चालक मोहित चौहान और हेल्पर हेमंत अपने काम में लगे हुए थे। इसी दौरान एक महिला ने डस्टबिन में कचरा डाला। अनजाने में उसका सोने का मंगलसूत्र भी कचरे के साथ डस्टबिन में चला गया और फिर कचरा गाड़ी में पहुंच गया।

कुछ देर बाद महिला को मंगलसूत्र गायब होने का एहसास हुआ। उसने कचरा कलेक्शन गाड़ी का पता लगाया और अपने बेटे के साथ कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंच गई। वहां उसने स्टेशन प्रभारी तौसीफ खान को पूरी घटना बताई और मंगलसूत्र खोजने में मदद मांगी।

अधिकारियों के निर्देश पर रुकवाई गई कचरा गाड़ी

महिला की परेशानी को समझते हुए स्टेशन प्रभारी तौसीफ खान ने मामले की जानकारी अपने अधिकारी सीएसआई विजय यादव को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर कचरा गाड़ी को खाली होने से पहले ही एक तरफ खड़ा करवा दिया गया, ताकि मंगलसूत्र को कचरे के साथ आगे जाने से रोका जा सके।

इसके बाद तौसीफ खान ने कर्मचारी गोविंद और अमर के साथ कचरे में मंगलसूत्र की तलाश शुरू की। कर्मचारियों ने धैर्यपूर्वक कचरे को खंगाला और करीब एक घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार सोने का मंगलसूत्र खोज निकाला।

मंगलसूत्र वापस पाकर महिला ने जताया आभार

मंगलसूत्र मिलने के बाद उसे सुरक्षित महिला को सौंप दिया गया। अपना कीमती गहना वापस पाकर महिला और उसका बेटा बेहद खुश हुए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।

ईमानदारी और जिम्मेदारी की पेश की मिसाल

कचरे के ढेर में सोने का मंगलसूत्र तलाशना कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण काम था। इसके बावजूद उन्होंने महिला की परेशानी को समझते हुए पूरी जिम्मेदारी से गहना खोजने में मदद की।

इंदौर नगर निगम के इन कर्मचारियों की पहल ने दिखाया कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण से किसी जरूरतमंद की बड़ी परेशानी दूर की जा सकती है। उनकी इस कोशिश की सराहना की जा रही है।

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