बिलासपुर। शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत कृषि शिक्षक पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में दावा किया गया है कि कक्षा 11वीं और 12वीं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए स्नातकोत्तर योग्यता अनिवार्य है, जबकि राज्य शासन की भर्ती प्रक्रिया में स्नातक को पात्रता मानदंड रखा गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन से जवाब मांगा है।

NCTE के नियमों का उल्लंघन होने का दावा
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई है कि NCTE (National Council for Teacher Education) की वर्ष 2014 की अधिसूचना के अनुसार 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों के लिए निर्धारित योग्यता स्नातकोत्तर होनी चाहिए। इसके विपरीत राज्य शासन ने कृषि शिक्षक समेत संबंधित शिक्षक पदों के लिए स्नातक स्तर की योग्यता निर्धारित की है।
याचिका में इसी प्रावधान को नियमों के विपरीत बताते हुए भर्ती की पात्रता को NCTE के मानकों के अनुरूप किए जाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य शासन से जवाब तलब किया है।
1654 शिक्षक पदों पर होनी है भर्ती
राज्य शासन के नोटिफिकेशन के अनुसार शिक्षक ई संवर्ग में 868 और टी संवर्ग में 786, यानी कुल 1654 पदों पर भर्ती की जानी है।
विज्ञापन के मुताबिक शिक्षक पद के लिए स्नातक के साथ प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमा, अथवा 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और बीएड, अथवा 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक और चार वर्षीय बीएएड/बीएससीएड, अथवा 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक एवं बीएड विशेष शिक्षा जैसी निर्धारित योग्यताओं में से पात्रता पूरी करना जरूरी है। इसके साथ TET उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य रखा गया है।
याचिका में मांग की गई है कि पात्रता का निर्धारण NCTE के नियमों के अनुसार स्नातकोत्तर योग्यता के आधार पर किया जाए।
ई और टी संवर्ग में कहां-कितने पद
शिक्षक ई संवर्ग में कुल 868 पद हैं। इनमें रायपुर संभाग में 209, सरगुजा में 40, बिलासपुर में 270 और दुर्ग में 354 पद शामिल हैं।
वहीं टी संवर्ग में कुल 786 पद हैं। इनमें सरगुजा संभाग में 265, बिलासपुर में 130, रायपुर में 56, दुर्ग में 50 और बस्तर में 285 पद निर्धारित किए गए हैं।
विषयवार देखें तो ई संवर्ग में हिंदी के 109, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 319, गणित के 135, सामाजिक विज्ञान के 150 और कृषि के 5 पद हैं।
टी संवर्ग में हिंदी के 141, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 185, गणित के 115, सामाजिक विज्ञान के 100 और कृषि के 95 पद शामिल हैं।
कृषि शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य नहीं
भर्ती प्रक्रिया में कृषि शिक्षक पद को लेकर एक अलग प्रावधान भी रखा गया है। सामान्य शिक्षक पदों के लिए B.Ed के साथ TET उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, लेकिन कृषि शिक्षक पद के लिए TET की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।
भर्ती निर्देशों के अनुसार कृषि शिक्षकों की पदस्थापना हायर सेकंडरी विद्यालयों में की जाती है। इसलिए कृषि शिक्षक पद के अभ्यर्थियों के लिए B.Ed उत्तीर्ण होना अनिवार्य रखा गया है, जबकि TET को अनिवार्य नहीं किया गया है।
वहीं शिक्षक पद के अभ्यर्थी विज्ञापित पदों में से किसी एक विषय के लिए ही आवेदन कर सकते हैं।
अब शासन के जवाब पर टिकी नजर
हाईकोर्ट ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अब राज्य शासन को याचिका में उठाई गई आपत्तियों और NCTE की अधिसूचना के संदर्भ में अपना पक्ष रखना होगा। शासन के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद ही भर्ती की योग्यता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।