भोपाल। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के RTO अधिकारियों को लेकर दिए बयान पर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में गडकरी ने RTO में कथित भ्रष्टाचार पर तंज कसते हुए कहा था कि कई अधिकारी ‘गांधीवादी’ हैं और गांधी की तस्वीर वाले नोट देखते ही फटाफट ठप्पा मार देते हैं। गडकरी के इस बयान के बाद कांग्रेस ने इसे महात्मा गांधी के अपमान से जोड़ा, जबकि BJP ने कांग्रेस पर नाथूराम गोडसे को राजनीतिक विमर्श में लाने का आरोप लगाया है।

गडकरी ने RTO अधिकारियों पर क्या कहा था?
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में गडकरी बसों के फिटनेस प्रमाणन और RTO की जांच व्यवस्था का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई सुरक्षा व्यवस्था में बसों के लिए चेकलिस्ट और निरीक्षण की प्रक्रिया को सख्त किया जाएगा।
इसी दौरान उन्होंने RTO अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि कई अधिकारी ‘गांधीवादी’ हैं और गांधी की तस्वीर वाले नोट देखते ही जल्दी से ठप्पा लगा देते हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गलत बस को मंजूरी देने पर कार्रवाई हो सकती है।
गडकरी ने यह भी कहा कि परिवहन विभाग की कई सेवाएं डिजिटल की जा चुकी हैं और उनका उद्देश्य है कि लोगों को RTO कार्यालय के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
कांग्रेस ने गांधी के अपमान का लगाया आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने गडकरी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के अपमान से जोड़ते हुए गडकरी से देश से माफी मांगने की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि मध्य प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में भ्रष्टाचार का मुद्दा गंभीर है और इसका महात्मा गांधी की विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। चौधरी ने गडकरी के बयान पर पलटवार करते हुए भ्रष्टाचार को ‘गोडसेवादी विचारधारा’ से जोड़कर टिप्पणी की।
BJP ने कांग्रेस पर किया पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर BJP के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार RTO से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
लोया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक विमर्श के केंद्र में गोडसे को लाने की कोशिश कर रही है, जबकि BJP महात्मा गांधी को केंद्र में रखना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस पर गोडसे के नाम के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया।
बृजगोपाल लोया को सितंबर 2026 में मध्य प्रदेश BJP का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
RTO के भ्रष्टाचार से शुरू हुआ विवाद गांधी-गोडसे की बहस तक पहुंचा
गडकरी की टिप्पणी का मूल संदर्भ RTO में कथित भ्रष्टाचार और बसों के फिटनेस प्रमाणन की प्रक्रिया से जुड़ा था। उनके बयान के बाद कांग्रेस ने इसे महात्मा गांधी के अपमान से जोड़ा, जबकि BJP ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया को गोडसे के संदर्भ से जोड़कर पलटवार किया।
इस तरह RTO व्यवस्था में भ्रष्टाचार के आरोप से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब गांधी और गोडसे के नामों तक पहुंच गया है। दोनों दलों की ओर से बयानबाजी जारी है, जबकि गडकरी ने अपने संबोधन में RTO सेवाओं को डिजिटल करने और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया था।