November 6, 2026

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का काम जारी है। इसी क्रम में खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। सड़क चौड़ीकरण की जद में कुल 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन एवं नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

नगर निगम की टीम ने प्रभावित भवनों की नपती कर कई स्थानों पर लाल निशान लगाए हैं। मुख्यमंत्री के परिजनों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए वे सड़क चौड़ीकरण के लिए मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं।

1974 में बना था मुख्यमंत्री का पैतृक मकान

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में परिवार की अगली पीढ़ी का बचपन बीता। पूनमचंद यादव और शंकरलाल यादव के परिवार के सदस्य भी लंबे समय तक इसी मकान से जुड़े रहे।

पूनमचंद यादव के पांच बच्चों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं।

कलावती यादव बोलीं- विकास के काम में सहयोग करेंगे

नगर निगम सभापति कलावती यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले सभी लोग उनके परिवार की तरह हैं और किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखकर उनका समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।

भाजपा नगर महामंत्री का मकान भी जद में

भाजपा नगर महामंत्री जगदीश पांचाल ने भी बताया कि प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की जद में उनका मकान आ रहा है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और शहरवासियों में ‘अतिथि देवो भव’ की भावना है। ऐसे में उन्होंने चौड़ीकरण के काम पर आपत्ति नहीं होने की बात कही।

सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बीच प्रभावित भवन मालिकों की ओर से प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखी जा रही हैं। नगर निगम की ओर से प्रस्तावित सड़क की सीमा में आने वाले भवनों की स्थिति और प्रभावित हिस्सों का आकलन किया जा रहा है।

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