November 4, 2026

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों से जुड़े सेवा मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। ये वे कर्मी हैं, जिन्हें बाद में छत्तीसगढ़ आर्म्ड पुलिस फोर्स में शामिल किया गया था। याचिका में उनकी सेवा शर्तों, समानता के अधिकार और लंबे समय से चले आ रहे कथित भेदभाव के मुद्दे उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सलवा जुडूम से आर्म्ड पुलिस फोर्स तक का सफर

सलवा जुडूम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में वर्ष 2005 के आसपास शुरू हुआ नक्सल-विरोधी अभियान था। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया था। अभियान से जुड़े कुछ युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) के रूप में नियुक्त किया गया था।

वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने SPOs को सशस्त्र नक्सल-विरोधी अभियानों में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई थी। इसके बाद सलवा जुडूम से जुड़े कुछ कर्मियों को छत्तीसगढ़ आर्म्ड पुलिस फोर्स में शामिल किया गया। मौजूदा याचिका में इन्हीं कर्मियों की सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।

सेवा शर्तों और कथित भेदभाव पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया है कि उनकी सेवा से जुड़े अधिकारों और पात्रताओं पर उचित विचार किया जाए। साथ ही, उनके साथ कथित रूप से लंबे समय से हो रहे भेदभाव का न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि मामला केवल सेवा लाभों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता तथा सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता के सिद्धांतों से भी जुड़ा है।

राज्य सरकार को छह सप्ताह में जवाब देने का निर्देश

मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता फतेश कुमार साहू और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अधिवक्ता विद्याभूषण सोनी संयुक्त रूप से पैरवी कर रहे हैं।

पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सरकार का जवाब आने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।

‘माउंटेन मैन’ ट्रेडमार्क विवाद से भी जुड़े हैं अधिवक्ता

याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे फतेश कुमार साहू और विद्याभूषण सोनी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े चर्चित ‘माउंटेन मैन’ ट्रेडमार्क विवाद के कानूनी पक्षों में रणनीतिक भागीदारी के लिए भी उल्लेखित रहे हैं।

फिलहाल, पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों के सेवा मामले में हाईकोर्ट का नोटिस न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। मामले के अंतिम परिणाम पर फैसला आगे की सुनवाई और पक्षों की दलीलों के बाद ही होगा।

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