नवरात्रि के दौरान छत्तीसगढ़ को रेल मंत्रालय की ओर से तीन नई मेमू ट्रेनों की सौगात मिली है। इनमें रायपुर से सुदूर आदिवासी अंचल रावघाट तक रेल सेवा शुरू करने के साथ ही रायपुर से कुरुद के बीच दो मेमू ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दी गई है। नई रेल सेवाओं की स्वीकृति की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर दी है। सांसद लंबे समय से इन रेल सेवाओं को शुरू कराने के लिए प्रयासरत थे।

ताड़ोकी से 17 किलोमीटर आगे रावघाट तक पहुंचेगी ट्रेन
अब तक बस्तर संभाग में रेलगाड़ी कांकेर जिले के ताड़ोकी तक ही संचालित हो रही थी। नई मेमू ट्रेन शुरू होने के बाद रेल सेवा का विस्तार ताड़ोकी से लगभग 17 किलोमीटर आगे रावघाट तक होगा। रावघाट के लिए रेल लाइन का काम वर्ष 2011 में शुरू हुआ था।
रावघाट तक ट्रेन पहुंचने से दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, रायपुर से कुरुद के बीच नई रेल सेवाएं शुरू होने से दैनिक यात्रियों सहित क्षेत्र के अन्य लोगों को भी राहत मिलेगी।
इन तीन मेमू ट्रेनों को मिली मंजूरी
रेल मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में तीन नई मेमू ट्रेनों के परिचालन को स्वीकृति दी है। इनमें शामिल हैं:
- गाड़ी संख्या 68768 / 68769: रायपुर–रावघाट मेमू
- गाड़ी संख्या 68772 / 68771: रायपुर–कुरुद मेमू
- गाड़ी संख्या 68774 / 68773: रायपुर–कुरुद मेमू
क्षेत्रीय विकास और आवागमन को मिलेगी गति
नई रेल सेवाओं की स्वीकृति पर प्रसन्नता जताते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर, सुगम और किफायती आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना उनका निरंतर प्रयास रहा है। इसी उद्देश्य से उन्होंने रेल मंत्री से मेमू ट्रेनों के संचालन का अनुरोध किया था, जिसके बाद इन सेवाओं को मंजूरी मिली है।
सांसद के अनुसार, रायपुर से रावघाट और कुरुद के बीच नई मेमू ट्रेनों के संचालन से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दूरस्थ अंचलों से राजधानी आने-जाने वाले मरीजों और आम नागरिकों के लिए भी यात्रा आसान होने की उम्मीद है।
नई रेल सेवाओं से यात्रियों के समय की बचत के साथ क्षेत्र के व्यापारिक और सामाजिक संपर्क को भी मजबूती मिल सकती है।