रायपुर। छत्तीसगढ़ से अलग बस्तर राज्य बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने अलग राज्य की मांग करने वालों को विकास विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है और जिस काम को कभी असंभव माना जाता था, उसे संभव किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सली बस्तर में सड़क, स्कूल और विकास कार्यों को प्रभावित करना चाहते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

अलग बस्तर राज्य की मांग पर क्या बोले CM साय?
अलग बस्तर राज्य बनाए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर को अलग राज्य बनाने की बात करने वाले विकास विरोधी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी मांग करने वाले छत्तीसगढ़ की जनता के विरोधी हैं।
मुख्यमंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में क्षेत्र में विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।
दिल्ली दौरे के बाद रायपुर लौटे CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद रायपुर लौटे। इस दौरान उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।
जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। लोगों ने बाजे-गाजे और गुलदस्तों के साथ उनका स्वागत किया।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन की सराहना
जल शक्ति मंत्रालय की बैठक को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हर राज्य में ‘कैच द रेन प्लान’ बनाने का सुझाव
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बैठक में उन्होंने सुझाव दिया कि हर राज्य को अपनी भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए।
उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के जरिए जल संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
नक्सलवाद के खात्मे को बताया बड़ी उपलब्धि
अलग बस्तर राज्य की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की गतिविधियों के कारण लंबे समय तक बस्तर में सड़क, स्कूल और अन्य विकास कार्य प्रभावित होते रहे।
सीएम साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और जवानों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल हुई है। उन्होंने इसे बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण बदलाव बताया।