November 7, 2026

रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले को लेकर कांग्रेस ने असहमति जताई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि झीरम पीड़ित परिवारों और कांग्रेस की ओर से फैसले पर संतोष नहीं है। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ चर्चा हो चुकी है और अब कांग्रेस आगे की लड़ाई न्यायालय के माध्यम से लड़ेगी।

राहुल गांधी से हुई झीरम पीड़ित परिवारों की मुलाकात

झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। बैठक में NIA कोर्ट के फैसले और मामले में आगे की कानूनी रणनीति को लेकर चर्चा हुई।

दीपक बैज के मुताबिक, पीड़ित परिवार और कांग्रेस अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। पार्टी अब उपलब्ध कानूनी विकल्पों के जरिए आगे की कार्रवाई करेगी।

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भाजपा पर पलटवार

वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी दीपक बैज ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की लड़ाई चुनाव आयोग के खिलाफ है, लेकिन भाजपा चुनाव आयोग की ओर से प्रवक्ता की भूमिका निभा रही है।

बैज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी टिप्पणी की और उनके इस्तीफे की मांग की। ये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है।

सिमगा लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर निशाना

सिमगा में गणेश विसर्जन के दौरान हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज को लेकर भी दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद को हिंदूवादी बताती है, लेकिन गणेश उत्सव के दौरान पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा पाई।

बैज ने कहा कि पंडालों से चंदा लिए जाने के बावजूद यदि विसर्जन के दौरान व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। सिमगा मामले में कांग्रेस ने जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

झीरम मामले में आगे क्या?

NIA की विशेष अदालत ने सितंबर 2026 में झीरम घाटी हमले के मामले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आगे कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

अब कांग्रेस की ओर से मामले में आगे कौन-सा कानूनी कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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