November 7, 2026

रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगे की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता 25 सितंबर को दिल्ली रवाना हो सकते हैं।

इस बैठक में झीरम घटना से प्रभावित कांग्रेस नेता और शहीद नेताओं के परिजन भी शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी के साथ चर्चा के बाद मामले को लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। इसमें कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने के साथ सड़क पर आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।

NIA कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की अगली रणनीति

झीरम घाटी मामले में विशेष NIA कोर्ट ने सितंबर में 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। 25 मई 2013 को हुए हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे।

फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि वह मामले में कथित बड़ी साजिश की जांच के मुद्दे को आगे उठाएगी। झीरम मामले को लेकर पार्टी की बैठक में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा और आगे की कानूनी रणनीति पर निर्णय लेने की बात सामने आई थी।

भूपेश बघेल बोले- फैसला आया, लेकिन न्याय नहीं मिला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले में NIA जांच और हालिया फैसले को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में फैसला आया है, लेकिन उनके अनुसार अभी न्याय नहीं मिला है।

बघेल ने NIA पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा इस जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि झीरम घाटी में वास्तव में क्या हुआ और पूरे मामले में न्याय की स्थिति क्या है।

हालांकि, NIA कोर्ट के फैसले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है। इस सजा की पुष्टि हाईकोर्ट से होना आवश्यक है और दोषियों के पास अपील का कानूनी विकल्प भी मौजूद है।

सीएम साय बोले- NIA कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए

कांग्रेस नेताओं के राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने NIA कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई करीब 13 वर्षों तक चली और बड़ी संख्या में गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि NIA कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए। विशेष अदालत ने मामले में 101 अभियोजन गवाहों की गवाही के बाद 10 आरोपियों को दोषी ठहराया और बाद में उन्हें मृत्युदंड सुनाया।

अब कांग्रेस की नजर आगे की कानूनी लड़ाई पर

झीरम मामले में दोषियों को मिली सजा के बावजूद पीड़ित परिवारों और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मामले की व्यापक साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की मांग जारी रखी है। पीड़ित परिवारों की ओर से भी आगे SIT और अन्य जांच की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में 26 सितंबर को राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक को कांग्रेस की आगे की कानूनी और राजनीतिक रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे को अदालत के साथ-साथ सार्वजनिक स्तर पर भी उठाने की दिशा में चर्चा कर सकती है।

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