रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में रेलवे ग्रुप-D यानी लेवल-1 भर्ती के फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बिहार से आया एक युवक दूसरे अभ्यर्थी की जगह फिजिकल टेस्ट देने पहुंचा था। रेटिना मैचिंग के दौरान रेलवे कर्मचारियों को उस पर शक हुआ और जांच में उसकी पहचान सामने आ गई।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी इससे पहले भी 2 सितंबर को दूसरे अभ्यर्थी की जगह PET दे चुका था, लेकिन उस दौरान दौड़ में सफल नहीं हो सका था। रविवार को वह एक अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा, जहां रेटिना जांच में पकड़ा गया।

रेटिना मैचिंग के दौरान खुला फर्जीवाड़ा
घटना रविवार सुबह करीब 6 बजे की है। रेलवे ग्राउंड पर ग्रुप-D भर्ती के लिए PET चल रहा था। बिहार के मुंगेर जिले के रतनठा गांव निवासी 26 वर्षीय अजीत कुमार, पिता दिनेश कुमार कुशवाह, फिजिकल टेस्ट देने पहुंचा था।
परीक्षा प्रक्रिया के तहत उसकी रेटिना मैचिंग की गई। जांच के दौरान रेलवे कर्मचारियों को पता चला कि इसी व्यक्ति की पहले भी टेस्टिंग हो चुकी है। इसके बाद अधिकारियों ने उसे रोककर पूछताछ की और रिकॉर्ड की जांच की।
जांच में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और अजीत कुमार को जीआरपी के हवाले कर दिया।
2 सितंबर को निरंजन कुमार की जगह दिया था टेस्ट
पुलिस के अनुसार, अजीत कुमार ने 2 सितंबर को अभ्यर्थी निरंजन कुमार की जगह रेलवे ग्राउंड पर PET दिया था। उसने निरंजन के नाम पर दौड़ में हिस्सा लिया, लेकिन उस समय वह PET में अयोग्य घोषित हो गया था।
इसके बाद भी उसने कथित तौर पर दोबारा दूसरे अभ्यर्थी की जगह फिजिकल टेस्ट देने की कोशिश की। रविवार को वह कुंदन कुमार की जगह PET देने पहुंचा था। इस बार रेटिना मैचिंग के दौरान उसकी पहचान हो गई और पूरा मामला सामने आ गया।
रेलवे अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
मामले में रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पश्चिम रेलवे मुंबई के कार्यालय अधीक्षक राजेश्वर तिवारी की शिकायत पर जीआरपी थाना रतलाम ने प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थी अजीत कुमार और अभ्यर्थी निरंजन कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं तीसरे अभ्यर्थी कुंदन कुमार की तलाश की जा रही है।
निरंजन और कुंदन पर भी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, दूसरे अभ्यर्थियों की जगह फर्जी तरीके से PET दिलाने के मामले में निरंजन कुमार और कुंदन कुमार के खिलाफ भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है।
निरंजन कुमार मुंगेर जिले के धनपुरा का रहने वाला बताया गया है, जबकि कुंदन कुमार शंभूपुरा, जिला मुंगेर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, कुंदन रविवार को रतलाम में PET देने नहीं पहुंचा था, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
फिलहाल जीआरपी मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी अभ्यर्थियों के जरिए भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने की कोशिश में और कौन लोग शामिल हैं।