सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में दस्तावेजी गड़बड़ी का खामियाजा एक 16 वर्षीय छात्र को भुगतना पड़ रहा है। कोठी के वार्ड क्रमांक-02 निवासी आशीष कुमार कोल के नाम पर कथित तौर पर दो आधार कार्ड बन गए थे। बाद में दोनों आधार कार्ड निरस्त हो गए, लेकिन इसके बाद छात्र की पहचान से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। परिजनों का कहना है कि आधार संबंधी परेशानी के कारण आशीष को विद्यालय में दाखिला नहीं मिल पा रहा है और उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

आधार की समस्या के कारण स्कूल में नहीं मिल रहा दाखिला
करीब 16 वर्षीय आशीष कुमार कोल पढ़ाई जारी रखना चाहता है, लेकिन आधार कार्ड से जुड़ी दस्तावेजी समस्या उसके रास्ते में बाधा बन गई है। परिजनों के मुताबिक, आधार कार्ड की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
परिवार का कहना है कि इस समस्या के चलते आशीष की शिक्षा और भविष्य पर असर पड़ रहा है। परिजन चाहते हैं कि संबंधित विभाग जल्द पहचान संबंधी समस्या का समाधान करे, ताकि छात्र की पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके।
बेटे की समस्या सुलझाने सतना से दिल्ली तक पहुंचे पिता
आशीष के परिजनों के अनुसार, उसके पिता ने आधार कार्ड से जुड़ी समस्या दूर कराने के लिए स्थानीय स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक अधिकारियों से संपर्क किया। जब स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिला, तो वे अपनी समस्या लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचे।
परिवार का दावा है कि कई कार्यालयों के चक्कर लगाने और लगातार प्रयास करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हो सका है।
परिवार की गुहार—दस्तावेजी गलती की सजा बच्चे को क्यों?
परिजनों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आशीष की पहचान से जुड़ी समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दस्तावेजी प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ी के कारण एक छात्र की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
परिवार को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेकर जरूरी कार्रवाई करेगा, जिससे आशीष का विद्यालय में दाखिला हो सके और उसकी शिक्षा आगे जारी रह सके।
SDM और तहसीलदार ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
मामला संज्ञान में आने के बाद रघुराज नगर SDM एलआर जांगड़े और कोठी तहसीलदार प्रज्ञा दुबे ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का जल्द निराकरण कराने का भरोसा दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद आशीष की आधार संबंधी समस्या कब तक सुलझती है और उसे विद्यालय में दाखिला कब मिल पाता है।