November 7, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चल रही चुनाव याचिका की स्वीकार्यता और सुनवाई पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी SLP को खारिज करते हुए संबंधित आपत्तियों को उचित स्तर पर उठाने की छूट दी थी। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इस मामले की आगे सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।

विजय बघेल ने दायर की है चुनाव याचिका

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने पाटन विधानसभा चुनाव को लेकर भूपेश बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता और चुनाव संबंधी कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।

याचिका में भूपेश बघेल के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने पहले भी इस मामले में याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने से इनकार करते हुए इसे ट्रायल के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया था।

भूपेश बघेल ने उठाई थी याचिका की मेंटेनबिलिटी पर आपत्ति

भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका की मेंटेनबिलिटी (विचारणीयता) पर सवाल उठाया गया था। उनका पक्ष था कि याचिका कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती और इसे प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए।

इससे जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने 15 जून 2026 के आदेश में कहा था कि उठाई गई आपत्तियों पर उचित स्तर पर सुनवाई की जा सकती है। इसके बाद इस आदेश के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और संबंधित पक्ष को अपनी दलीलें चुनाव ट्रिब्यूनल के समक्ष उचित चरण में रखने की छूट दी।

हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका को ट्रायल के लिए माना उपयुक्त

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 15 जून के आदेश में कहा था कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप ऐसे हैं, जिनकी सच्चाई का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल के दौरान किया जा सकता है। कोर्ट के अनुसार, याचिका को केवल प्रारंभिक आपत्तियों के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।

बाद में 17 सितंबर 2026 के आदेश में भी हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल की ओर से दायर आवेदन को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका की प्रस्तुति, रजिस्ट्री की आपत्तियों और दस्तावेजों में हुई कमियों से जुड़े सवालों का फैसला रिकॉर्ड और साक्ष्य के आधार पर किया जाना जरूरी है।

5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले को 5 अक्टूबर 2026 को चुनाव याचिकाकर्ता के साक्ष्य दर्ज करने के लिए सूचीबद्ध किया है। आदेश के मुताबिक, चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल को स्वयं और अपने गवाहों को अगली तारीख पर उपस्थित रखना होगा।

इस तरह अब मामला प्रारंभिक आपत्तियों से आगे बढ़कर चुनाव याचिका के ट्रायल और साक्ष्य की प्रक्रिया की ओर जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय याचिका में लगाए गए आरोपों और दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।

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