मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल में कोरोना काल के दौरान मरीजों की जान बचाने के लिए उपलब्ध कराए गए वेंटिलेटर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। PM CARES फंड से मिले ये वेंटिलेटर अस्पताल के बंद मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) में रखे हैं। बताया जा रहा है कि ऊपर चल रहे निर्माण कार्य के कारण पानी टपकने की समस्या पैदा हुई, जिसके बाद मॉड्यूलर ओटी का संचालन बंद कर दिया गया।

हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वेंटिलेटर चालू हालत में हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरे सक्रिय आईसीयू में इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उपकरणों की कार्यक्षमता के साथ-साथ उनकी उपलब्धता और आपात स्थिति में तत्काल इस्तेमाल की व्यवस्था को लेकर भी उठ रहे हैं।
पानी टपकने की समस्या से बंद पड़ा मॉड्यूलर OT
कुशाभाऊ ठाकरे शहडोल जिला अस्पताल में कोविड मरीजों के उपचार के लिए विशेष रूप से मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया था। इसी परिसर में PM CARES फंड से प्राप्त वेंटिलेटर रखे गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मॉड्यूलर ओटी के ऊपर निर्माण कार्य चलने के कारण वहां पानी टपकने की समस्या सामने आई। इसके बाद ओटी का संचालन रोक दिया गया। नतीजतन, अंदर रखे वेंटिलेटर भी बंद कमरे में रह गए।
इस स्थिति ने अस्पताल में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरणों के रखरखाव, सुरक्षित भंडारण और जरूरत के समय उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
आपात स्थिति में वेंटिलेटर कितनी जल्दी मिल सकेंगे?
वेंटिलेटर गंभीर मरीजों को सांस लेने में सहायता देने वाले महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण हैं। ऐसे में उनकी उपलब्धता केवल चालू हालत में होने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर मरीज तक पहुंचाना भी जरूरी है।
मॉड्यूलर ओटी बंद होने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि वहां रखे उपकरणों को आपात स्थिति में कितनी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही, उनकी नियमित जांच, रखरखाव और वैकल्पिक स्थान पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने क्या व्यवस्था की है, यह भी महत्वपूर्ण है।
सिविल सर्जन बोले- सभी वेंटिलेटर चालू हालत में
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शिल्प सराफ ने वेंटिलेटर के खराब होने की आशंका को खारिज किया है। उनका कहना है कि PM CARES फंड से मिले सभी वेंटिलेटर चालू हालत में हैं और कोई भी मशीन नॉन-फंक्शनल नहीं है।
डॉ. सराफ के मुताबिक, कुछ वेंटिलेटर कमरे में रखे हैं, लेकिन वे बंद नहीं हैं। जरूरत के अनुसार इनका इस्तेमाल दूसरे सक्रिय आईसीयू में बाइपेप मोड पर किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वेंटिलेटर के बेहतर संचालन के लिए शासन के माध्यम से समय-समय पर डॉक्टरों और संबंधित स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाता है।
उपकरणों की उपलब्धता और व्यवस्था पर नजर
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, वेंटिलेटर काम करने की स्थिति में हैं और जरूरत के समय उनका उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, मॉड्यूलर ओटी में पानी टपकने की समस्या और उसके बंद रहने से उपकरणों की सुरक्षित उपलब्धता को लेकर सवाल बने हुए हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मॉड्यूलर ओटी में पानी टपकने की समस्या का समाधान कब होता है और अस्पताल में जीवनरक्षक उपकरणों को आपात स्थिति में आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित की जाती है।