इस मामले का सार यह है कि हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत टीबी हेल्थ विजिटर सुनीता जांगड़े की सेवा समाप्ति को अवैध मानते हुए रद्द कर दिया।

मुख्य तथ्य
- सुनीता जांगड़े जिला क्षय नियंत्रण कार्यालय, कोरबा में टीबी हेल्थ विजिटर के पद पर कार्यरत थीं।
- 6 मई 2026 को उनका सेवा समाप्ति आदेश जारी किया गया था।
- सेवा समाप्ति का आधार “असंतोषजनक कार्य प्रदर्शन” बताया गया।
- उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि:
- उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) नहीं दिया गया।
- उन्हें अपना पक्ष रखने या सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया।
याचिकाकर्ता का पक्ष
- NHM की ह्यूमन रिसोर्स पॉलिसी-2018 के क्लॉज 34.2 के अनुसार, कार्य प्रदर्शन के आधार पर सेवा समाप्त करने से पहले कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है।
- निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
राज्य/एनएचएम का पक्ष
- कर्मचारी को पहले कार्य में सुधार के लिए सूचित किया गया था।
- अपेक्षित सुधार नहीं होने पर सक्षम प्राधिकारी ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की।
हाईकोर्ट का निर्णय
न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु ने पाया कि:
- रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं था जिससे साबित हो कि कर्मचारी को प्रभावी सुनवाई का अवसर दिया गया।
- कोई विधिवत कारण बताओ नोटिस भी जारी नहीं किया गया था।
- NHM की ह्यूमन रिसोर्स पॉलिसी-2018 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
कानूनी महत्व
कोर्ट ने कहा कि बिना सुनवाई और बिना उचित प्रक्रिया अपनाए सेवा समाप्त करना प्राकृतिक न्याय (Principles of Natural Justice) के सिद्धांतों के विरुद्ध है। इसलिए ऐसा आदेश कानूनन टिकाऊ नहीं माना जा सकता।
अंतिम आदेश
- 6 मई 2026 का सेवा समाप्ति आदेश निरस्त (रद्द) कर दिया गया।
- याचिका स्वीकार कर ली गई।
- हालांकि, संबंधित अधिकारी को यह स्वतंत्रता दी गई कि वह कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए तथा कर्मचारी को उचित सुनवाई का अवसर देकर नई कार्रवाई कर सकते हैं।