रायपुर। छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और संपत्ति खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने सख्त कार्रवाई की है। रायपुर जिले के आरंग स्थित ‘सालासार विहार’ परियोजना में बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री करने के मामले में प्राधिकरण ने प्रमोटर राजीव सोनी, पिता के.एल. सोनी पर 25 लाख रुपये की शास्ति (जुर्माना) लगाई है।

बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री का मामला
प्राधिकरण के अनुसार, मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों की जांच में पाया गया कि सालासार विहार परियोजना के तहत भूमि को भूखंडों में विभाजित कर रेरा पंजीयन प्राप्त किए बिना उनकी बिक्री की गई। इसे भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन माना गया है।
प्राधिकरण ने उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिनियम की धारा 59 के तहत परियोजना की अनुमानित लागत के आधार पर प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
रेरा पंजीयन के बिना बिक्री करना नियमों के विरुद्ध
भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत निर्धारित श्रेणी की रियल एस्टेट परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन अनिवार्य है। पंजीयन के बिना ऐसी परियोजनाओं का विज्ञापन, विपणन या भूखंडों एवं अन्य संपत्तियों की बिक्री करना अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध है।
इन नियमों का उद्देश्य खरीदारों को परियोजना की वैधानिक स्थिति, विकास कार्यों और प्रमोटर से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि संपत्ति खरीदने वालों के हित सुरक्षित रह सकें।
भूखंड खरीदने से पहले रेरा पंजीयन जांचने की अपील
CG-RERA ने आम नागरिकों और संपत्ति खरीदारों से अपील की है कि किसी भी आवासीय या भूखंड परियोजना में निवेश करने से पहले उसका रेरा पंजीयन जरूर जांच लें। खरीदारों को परियोजना का पंजीयन क्रमांक, प्रमोटर का विवरण और अन्य जरूरी जानकारियों का सत्यापन करने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में विवाद या आर्थिक नुकसान की आशंका कम हो सके।
प्राधिकरण ने कहा है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। खरीदार छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट rera.cgstate.gov.in पर जाकर परियोजनाओं के पंजीयन और संबंधित जानकारी की जांच कर सकते हैं।