रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढाल दास साहेब के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। 11 सितंबर को ढाल दास ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद अब मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर परिवार और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर कांग्रेस : खुशवंत साहेब
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा ‘फूट डालो और राज करो’ की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस परिवार, समाज और धर्म के लोगों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है।
खुशवंत साहेब ने कहा कि वे राष्ट्र प्रथम और देश प्रथम की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को विकसित बनाना है।
कांग्रेस में आपसी कलह का दावा
पीसीसी चीफ दीपक बैज के कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को लेकर दिए गए बयान पर भी मंत्री खुशवंत साहेब ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आपसी कलह दिखाई दे रही है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है। यह मंत्री का राजनीतिक आकलन है।
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर भी साधा निशाना
रायपुर में चल रहे कांग्रेस के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी खुशवंत साहेब ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर से कुछ नहीं होने वाला। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी भले ही जमीनी स्तर पर मेहनत करने की बात करे, लेकिन वहां ‘पैसों का खेल और भ्रष्टाचार’ चलता है।
रायपुर संभाग का कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर 20 सितंबर से शुरू हुआ है, जिसमें ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
20 निष्कासित नेताओं की वापसी पर भी कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस के 20 निष्कासित नेताओं का निष्कासन रद्द किए जाने के फैसले पर भी मंत्री खुशवंत साहेब ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले नेताओं के निष्कासन के आदेश जारी करती है और बाद में उन्हें वापस ले लेती है।
उन्होंने कांग्रेस पर अपराधों से जुड़े मामलों में नाम सामने आने का भी आरोप लगाया। यह आरोप मंत्री खुशवंत साहेब के राजनीतिक बयान का हिस्सा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
कांग्रेस की अनुशासन समिति की 18 सितंबर की बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 20 निष्कासित नेताओं का निष्कासन रद्द करने का आदेश जारी किया था।