November 7, 2026

रायपुर/आरंग। छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र के कुरूद में महानदी तट पर कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग की कार्रवाई के बावजूद नदी से रेत निकालने का काम बंद नहीं हुआ है। दावा किया जा रहा है कि शनिवार रात विभागीय टीम की कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही गतिविधियां फिर शुरू हो गईं और सोमवार सुबह दिन के उजाले में भी ट्रैक्टरों व भारी वाहनों की आवाजाही देखी गई।

स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में महानदी के तट पर कई ट्रैक्टर और भारी वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उत्खनन की वैधानिक स्थिति और संबंधित वाहनों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

शनिवार रात की कार्रवाई पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आने के बाद शनिवार रात खनिज विभाग की टीम कुरूद रेत खदान पहुंची थी। आरोप है कि अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही खनन में लगे कुछ चालक अपने वाहनों के साथ वहां से निकल गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय टीम के लौटने के बाद रविवार शाम से गतिविधियां फिर शुरू हो गईं और सोमवार सुबह भी कथित तौर पर उत्खनन जारी रहा। इससे विभाग की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जनसुनवाई में ग्रामीणों ने जताई थी आपत्ति

कुरूद रेत खदान की लीज और संचालन को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने पर्यावरणीय नुकसान और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को लेकर आपत्ति जताई थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायतों के बावजूद नदी तट पर रेत निकालने की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों और खनन संबंधी अनुमतियों के अनुपालन की स्थिति भी जांच का विषय है।

राजस्व नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि बिना वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, तो इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो सकता है। वहीं, ग्रामीण और संकरे रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कथित अवैध उत्खनन की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और नदी तट पर निगरानी बढ़ाई जाए।

महानदी में रेत का भंडार जमा होने की बताई जा रही वजह

स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि हालिया भारी बारिश के दौरान महानदी में तेज बहाव के कारण बड़ी मात्रा में रेत कुरूद क्षेत्र तक पहुंची। आरंग क्षेत्र के निसदा और समोदा बैराज के गेट खोले जाने तथा हरदीडीह एनीकट टूटने के बाद यहां रेत जमा होने की बात कही जा रही है।

इसी वजह से कुरूद क्षेत्र में रेत के बड़े भंडार को लेकर गतिविधियां बढ़ने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, रेत की मात्रा और उत्खनन की वास्तविक स्थिति का आकलन संबंधित विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा।

मोहमेला-सिरपुर बैराज परियोजना का भी जिक्र

महानदी पर आरंग क्षेत्र के मोहमेला और सिरपुर के बीच करीब 689.76 करोड़ रुपये की लागत वाली मोहमेला-सिरपुर बैराज और पुल निर्माण परियोजना का भी उल्लेख किया गया है। इस परियोजना से आसपास के गांवों को सिंचाई और आवागमन संबंधी लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।

स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि परियोजना के निर्माण और उससे जुड़े नियोजन के चलते कुरूद, हरदीडीह, करमंदी और कागदेही जैसी खदानों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन खदानों के स्थायी रूप से बंद होने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

खनिज विभाग की टीम दोबारा कार्रवाई के लिए रवाना

सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव ने बताया कि अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर खनिज विभाग की टीम कार्रवाई के लिए जाती है। उन्होंने कहा कि कुरूद में दोबारा अवैध उत्खनन की जानकारी मिली है और विभाग की टीम कार्रवाई के लिए खदान की ओर रवाना हो चुकी है।

उपसरपंच ने लगाया शिकायतों की अनदेखी का आरोप

कुरूद ग्राम पंचायत के उपसरपंच निमेश साहू ने आरोप लगाया कि हरदीडीह गांव के रास्ते और हरदीडीह-कुरूद सीमा के आसपास रात के समय करीब तीन दर्जन से अधिक ट्रैक्टरों और JCB मशीनों के जरिए कथित अवैध उत्खनन किया जा रहा है। उनका दावा है कि फिलहाल कोई खदान चालू नहीं है, इसके बावजूद गतिविधियां जारी हैं।

निमेश साहू ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय लोगों का समर्थन मिलने से इस गतिविधि पर रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने प्रशासन से शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और कथित अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

फिलहाल, खनिज विभाग की टीम के दोबारा मौके पर पहुंचने और कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग उत्खनन की वैधानिकता की जांच कर क्या कदम उठाता है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *