छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने आए महाराष्ट्र के नागपुर निवासी 18 वर्षीय शशांक शांडेल की क्षीरपानी तालाब में डूबने से मौत हो गई। हादसा रविवार 11 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि मेले के पहले दिन हुआ। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान पैर फिसलने से युवक गहरे पानी में चला गया। एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद उसके साथ आए दोस्तों में शोक का माहौल है।

नहाने के दौरान फिसला पैर, गहरे पानी में डूबा युवक
जानकारी के मुताबिक, शशांक रविवार को अपने दोस्तों के साथ मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने डोंगरगढ़ पहुंचा था। दोपहर करीब 2:30 बजे वह क्षीरपानी सरोवर में नहाने के लिए उतरा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
युवक को डूबता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बचाव कार्य शुरू किया गया। एसडीआरएफ के जवानों और गोताखोरों ने तलाश कर शशांक को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दर्शन के लिए घर से निकले युवक की मौत की खबर से उसके दोस्तों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मामले की जांच कर रही पुलिस
डोंगरगढ़ थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख के अनुसार, युवक के गहरे पानी में चले जाने से यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों के पहुंचने के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में क्षीरपानी तालाब जैसे जल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, गहरे पानी में जाने से रोकने के उपाय और आपात स्थिति में तत्काल बचाव के इंतजाम महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
समय पर चिकित्सा सहायता मिलने को लेकर दोस्तों ने उठाए सवाल
घटना के बाद मृतक के दोस्तों ने समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होने को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, हादसे के बाद बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने में लगे समय की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि बचाव और चिकित्सा सहायता किस क्रम में तथा कितनी जल्दी उपलब्ध कराई गई। नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए तालाब परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत भी सामने आई है।
यह हादसा जल क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को रोकने, लोगों को गहरे पानी में जाने से बचाने और आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करता है।