September 13, 2026

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि उनका स्नेह उनके लिए अनमोल है और यही आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री साय ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व बताते हुए कहा कि बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य का दिन है कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आप सभी बहनें रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने मुख्यमंत्री निवास आई हैं। आपका स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

शहीद कर्नल की पत्नी ने बांधी राखी, भावुक हुए CM

कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। इस अवसर को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे।

रक्षाबंधन के इस आयोजन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी और स्मृति दीदी, सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

जवानों के लिए ‘स्नेह की डोर’, 1600 सुरक्षा जवानों को बांधी राखी

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन को देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता से जोड़ना सुखद अनुभव रहा।

उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना सभी का दायित्व है।

महिला पत्रकारों के साहस और समर्पण की सराहना

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों का विशेष स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। महिला पत्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया की घटनाओं से अवगत कराती हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान एयरपोर्ट पर पत्रकार जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधी और अपना स्नेह व्यक्त किया।

महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें उत्साह के साथ पर्व मना सकें, इसके लिए योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 25 अगस्त को ही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन प्रदेश ने इससे आगे बढ़ते हुए पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण है।

ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। ड्रोन दीदियां खेतों में उर्वरक और दवाओं का छिड़काव कर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ छिड़काव से करीब 300 रुपये की आय होती है और 20 से 25 एकड़ में काम कर ड्रोन दीदियां प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।

उन्होंने नया रायपुर की 92 ई-रिक्शा दीदियों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक ई-रिक्शा महिलाओं के लिए सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर जशपुर के अपने गांव बगिया में उन्होंने 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए।

महिला उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाना चाहती है। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने महिलाओं से औद्योगिक नीति के प्रावधानों का लाभ उठाकर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हुई है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत ने मजबूती से जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को जवाब देना भी जानता है।

‘मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अधूरा’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और छत्तीसगढ़ भी इस लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक, खनिज और वन संपदा के साथ यहां के लोगों की मेहनत और आत्मीयता इसकी बड़ी ताकत है। “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की पहचान को आगे बढ़ाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक माता-बहन को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें।

रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की ताकत है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

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