रायपुर। छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र के कुरूद स्थित महानदी की रेत खदान में रात के समय कथित अवैध उत्खनन और रेत परिवहन का मामला सामने आया है। मौके से जुड़े वीडियो और मिली जानकारी के आधार पर आरोप लगाया जा रहा है कि रात के अंधेरे में मशीनों और भारी वाहनों की मदद से रेत निकाली जा रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब खदान के संचालन को लेकर ग्रामीण विरोध जता चुके हैं और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

दो JCB और कई ट्रैक्टर-हाइवा लगाए जाने का दावा
मिली जानकारी के मुताबिक, खदान क्षेत्र में रात के दौरान रेत निकालने और उसे भारी वाहनों में लोड करने का काम किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि मौके पर दो JCB मशीनों के अलावा कई ट्रैक्टर और हाइवा वाहन मौजूद रहते हैं।
आरोप है कि ट्रैक्टरों की मदद से नदी से रेत निकालकर एक स्थान पर जमा की जाती है। इसके बाद JCB मशीनों से रेत को हाइवा में लोड कर दूसरे क्षेत्रों में भेजा जाता है। हालांकि, इस गतिविधि की वास्तविक स्थिति और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रति हाइवा 15 हजार रुपये वसूली का आरोप
सूत्रों के हवाले से प्रति हाइवा रेत के लिए करीब 15,000 रुपये की वसूली किए जाने का दावा किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि कुरूद की बारीक रेत की मांग के चलते इसे रायपुर के अलावा बेमेतरा, कवर्धा और अन्य जिलों तक पहुंचाया जा रहा है।
फिलहाल कथित वसूली, रेत की आपूर्ति और परिवहन से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इनकी जांच संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने किया था विरोध
कुरूद रेत खदान के संचालन को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों की ओर से विरोध जताए जाने की बात सामने आई थी। ऐसे में रात के समय कथित उत्खनन और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पर्यावरण, स्थानीय सुरक्षा और नियमों के पालन से जुड़े सवाल उठ रहे हैं।
यदि नदी से निर्धारित अनुमति या पर्यावरणीय शर्तों के विपरीत रेत निकाली जा रही है, तो इससे नदी के पर्यावरण और आसपास के क्षेत्रों पर असर पड़ने की आशंका हो सकती है। हालांकि, इस मामले में किसी उल्लंघन की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और स्थल निरीक्षण के आधार पर की जानी आवश्यक है।
खनिज विभाग की कार्रवाई पर नजर
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि रात के दौरान रेत उत्खनन और परिवहन का काम लगातार जारी है। इस संबंध में खनिज विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अधिकारियों की ओर से निरीक्षण, वैध खनन अनुमति, परिवहन दस्तावेज और पर्यावरणीय शर्तों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि सामने आए वीडियो और शिकायतों के आधार पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं और क्या कुरूद रेत खदान में कथित अवैध उत्खनन के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की जाती है।