धार। सनातन प्रहरी संस्था द्वारा प्रस्तावित ‘वराह मार्च’ को लेकर मंगलवार को धार शहर में दिनभर गहमागहमी रही। प्रशासन की ओर से मार्च की अनुमति निरस्त किए जाने के बावजूद कुछ आयोजक और कार्यकर्ता मार्च निकालने की कोशिश करते रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संरक्षित लॉट मस्जिद/विजय कीर्ति मंदिर क्षेत्र को भी आमजन के लिए बंद रखा।
मार्च में शामिल होने जा रहे लोगों को पुलिस ने रोका
पीजी कॉलेज परिसर, लॉट मस्जिद और विजय कीर्ति मंदिर क्षेत्र समेत शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल और वज्र वाहन तैनात किए गए थे। पुलिस वाहन भी लगातार शहर में पेट्रोलिंग करते नजर आए।
दोपहर करीब दो बजे प्रस्तावित मार्च में शामिल होने के लिए कुछ युवक शहर में निकले। पुलिस ने त्रिमूर्ति चौराहे से पीजी कॉलेज की ओर जा रहे युवकों और पट्ठा चौपाटी क्षेत्र में मार्च में शामिल होने जा रहे लोगों को रोककर हिरासत में लिया।
जानकारी के मुताबिक, सुबह शुरुआती दौर में करीब 8 लोगों को हिरासत में लिया गया था। दोपहर तक यह संख्या बढ़कर 30 से अधिक हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 75 से 80 लोगों को अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस बोली- अनुमति नहीं थी, बॉन्ड ओवर की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से वराह मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद मार्च में शामिल होने के लिए जा रहे लोगों को एहतियातन पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
एसपी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों से बॉन्ड ओवर की कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है और स्थिति नियंत्रण में है।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी कर रही है।
फिलहाल धार शहर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।