रायपुर। गणेश मूर्ति विसर्जन झांकी को लेकर रायपुर नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। 28 सितंबर को निकलने वाली विसर्जन झांकी के रूट का नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान फूलचौक से सदर बाजार के बीच जर्जर घोषित 15 मकानों का भी जायजा लिया गया।
महापौर ने संयुक्त टीम के साथ इन जर्जर भवनों का निरीक्षण किया। नगर निगम के अधिकारियों ने संबंधित मकान मालिकों के नाम के नोटिस जर्जर भवनों पर चस्पा किए हैं। झांकी के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए भवन मालिकों को सुरक्षा के संबंध में बिंदुवार दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

झांकी के दिन खाली रहेंगे जर्जर मकान
नगर निगम की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि झांकी के दिन जर्जर मकानों को खाली कराकर उनमें ताला लगाया जाए। साथ ही किसी भी दर्शनार्थी को इन भवनों की छत या ऊपरी हिस्से में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन का उद्देश्य झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को जर्जर भवनों से दूर रखना और संभावित हादसे की आशंका को कम करना है।
जर्जर मकानों के सामने लगेंगे बैरिकेड्स
महापौर मीनल चौबे ने पुलिस अधिकारियों को भी सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों के मालिक यदि झांकी के दौरान तीन दिनों के लिए किसी अन्य स्थान पर चले जाते हैं, तो उनके मकानों के सामने बैरिकेड्स लगाए जाएं।
इससे झांकी देखने आने वाले नागरिक जर्जर भवनों के आसपास खड़े नहीं हो सकेंगे और भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखने में मदद मिलेगी।
सदर बाजार में झांकी रूट का निरीक्षण
महापौर ने सदर बाजार में गणेश विसर्जन झांकी के निर्धारित मार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम रायपुर के लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष दीपक जायसवाल, नगर निवेशक आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, जोन-4 के कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह, नगर निवेश विभाग के अधिकारी और संबंधित पुलिस थाने के अधिकारी मौजूद रहे।
झांकी के दौरान सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
गणेश विसर्जन झांकी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए नगर निगम और पुलिस प्रशासन जर्जर भवनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है। प्रशासन की कोशिश है कि झांकी के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।