राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शीर्ष नेतृत्व के मध्यप्रदेश दौरे के तहत अक्टूबर और नवंबर में दो बड़े संगठनात्मक कार्यक्रम हुए। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक जबलपुर प्रवास पर रहे। इसके बाद 2 से 4 नवंबर तक इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक आयोजित हुई। इन कार्यक्रमों में संगठनात्मक गतिविधियों, शताब्दी वर्ष के आयोजनों और समसामयिक विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम था।

2 से 4 नवंबर तक इंदौर में हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक
आर्थिक राजधानी इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की वार्षिक बैठक 2 से 4 नवंबर तक आयोजित हुई। इसमें संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित शीर्ष पदाधिकारी शामिल हुए।
नशे की लत, बाहरी हस्तक्षेप और पर्यावरण जैसे विषय एजेंडे में
बैठक के लिए तय एजेंडे में युवाओं में बढ़ती नशे की लत, आंतरिक मामलों में बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप, पर्यावरण सुधार, वैश्विक परिदृश्य और ‘परिवार बोध’ जैसे विषय शामिल थे। इसके साथ ही देशभर में संघ के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे कार्यक्रमों और अभियानों की प्रगति की समीक्षा भी प्रस्तावित थी।
24 से 26 अक्टूबर तक जबलपुर में रहे मोहन भागवत
इंदौर की बैठक से पहले संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक तीन दिवसीय प्रवास पर जबलपुर में रहे। इस दौरान उन्होंने संघ के अलग-अलग स्तर के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के साथ संवाद और बैठकों में हिस्सा लिया।
24 अक्टूबर: वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद
प्रवास के पहले दिन डॉ. भागवत ने जबलपुर महानगर के मुख्य शिक्षकों और उनसे ऊपर के दायित्वों पर कार्यरत वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। इस दौरान संगठनात्मक विषयों पर चर्चा और मार्गदर्शन का कार्यक्रम था।
25 अक्टूबर: महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का शिविर
दूसरे दिन यानी 25 अक्टूबर को वे महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल हुए। यहां युवा स्वयंसेवकों से संवाद और उनका मार्गदर्शन किया गया।
26 अक्टूबर: महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी के साथ बैठक
प्रवास के अंतिम दिन 26 अक्टूबर को डॉ. भागवत ने महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसमें संगठन के कामकाज, जारी गतिविधियों और समसामयिक विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम रखा गया था।