भोपाल/इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उनके लंबे शासनकाल और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को अपने पुराने कार्यकाल का जवाब देना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष को आत्मनिरीक्षण की नसीहत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कांग्रेस ने करीब 55 साल शासन किया, लेकिन विकास की गति को लेकर जनता सवाल पूछ रही है। उन्होंने कहा कि 55 साल पहले देश का बजट करीब 22 हजार करोड़ रुपये था, जबकि आज भाजपा सरकार के दौर में मध्य प्रदेश का बजट 4.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि इतने लंबे शासनकाल के दौरान विकास की गति अपेक्षित स्तर तक क्यों नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस पर जवाब देना चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने महिला आरक्षण कानून को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध क्यों किया गया। साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को लेकर उन्होंने सवाल किया कि वहां महिला मंत्री बनाए जाने को लेकर क्या स्थिति है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को आत्मनिरीक्षण करने की नसीहत दी।
उदय प्रताप बोले- राहुल गांधी ने गलत प्रदेश चुना
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश के बजाय कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने गलत प्रदेश चुन लिया है।
मंत्री ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था हाईटेक एजुकेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक राज्य में शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है।
‘शिक्षाकर्मी कल्चर कांग्रेस ने शुरू किया’
राव उदय प्रताप सिंह ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी को पहले अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में शिक्षाकर्मी व्यवस्था शुरू की गई थी।
मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार अतिथि शिक्षकों को 15 हजार, 12 हजार और 20 हजार रुपये तक का मानदेय दे रही है। उन्होंने राहुल गांधी से मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस के शासनकाल का रिकॉर्ड देखने की बात कही।
छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस और BJP आमने-सामने
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा नेताओं ने जवाबी हमला करते हुए कांग्रेस के पुराने शासनकाल, महिला आरक्षण और शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया है। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी से मध्य प्रदेश की सियासत में शिक्षा और युवाओं के मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं।