November 5, 2026

छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अब तक 2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 88.85 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिकायतों के निराकरण, नागरिकों से लिए जा रहे फीडबैक और विभागवार व जिलावार प्रदर्शन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

2.31 लाख शिकायतें दर्ज, 2.05 लाख से अधिक का निराकरण

समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2,31,850 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 2,05,996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 25,854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। इस तरह कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है।

हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1,500 से 2,000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने पिछली समीक्षा में दिए गए निर्देशों पर हुए कार्यों की भी सराहना की।

शिकायत बंद करने से पहले समाधान की पुष्टि जरूरी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुशासन की पहली कसौटी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित नागरिक की समस्या वास्तव में दूर हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सबसे महत्वपूर्ण है। शिकायतकर्ता से मिलने वाला फीडबैक ही हेल्पलाइन की वास्तविक सफलता का आधार होना चाहिए। राशन, पेंशन, बिजली, आवास, पेयजल और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यही इस व्यवस्था का उद्देश्य है।

एक शिकायत से 80 से 85 परिवारों को मिली बिजली की राहत

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के शिकायतकर्ता दमन साहू से सीधे बातचीत की। दमन साहू ने बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे गांव के लगभग 80 से 85 परिवार प्रभावित हो रहे थे।

स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।

दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब गांव में बिजली व्यवस्था सामान्य है और ग्रामीणों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण होना चाहिए।

पीएम आवास की दूसरी किस्त के 55 हजार रुपये मिले

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव ने भी मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अपनी समस्या साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके आवास निर्माण की दूसरी किस्त मिलने में देरी हो रही थी। राशि नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था।

वीरेंद्र यादव ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, शिकायत के लगभग दस दिनों के भीतर बैंक खाते में दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपये प्राप्त हो गए। राशि मिलने के बाद वे अपने घर का निर्माण आगे बढ़ा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पात्र हितग्राहियों को समय पर किस्त मिलनी चाहिए, ताकि निर्माण कार्य में बाधा न आए।

नौ महीने से बंद पेंशन शिकायत के बाद फिर शुरू

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी माताजी को लगभग नौ महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी। इससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

तोरण साहू ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद संबंधित विभाग ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की। परिणामस्वरूप उनकी माताजी की पेंशन दोबारा शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। पात्र हितग्राहियों को पेंशन के लिए परेशान न होना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

छोटी समस्या भी परिवार के लिए बड़ी परेशानी हो सकती है: CM साय

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन की नजर में कोई प्रकरण सामान्य हो सकता है, लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वही समस्या बेहद महत्वपूर्ण होती है। राशन कार्ड में सुधार, पेंशन भुगतान, बिजली आपूर्ति, पेयजल, आवास की किस्त या राजस्व संबंधी काम में देरी किसी परिवार को लंबे समय तक परेशान कर सकती है।

उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य नागरिकों की आवाज सीधे शासन तक पहुंचाना और संबंधित विभागों से निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित कराना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों से बातचीत के दौरान हेल्पलाइन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण जरिया है।

अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन, लापरवाही पर तय हो जवाबदेही

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों से सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और समस्याओं का समाधान हो रहा है। ऐसे कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

वहीं, कुछ मामलों में लापरवाही या नागरिकों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी पूरे प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।

शिकायतों के आंकड़ों से सुधारी जाए सरकारी व्यवस्था

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल रिसीव होने, शिकायतों के पंजीयन, विभागों को शिकायत भेजने, निराकरण और शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल अलग-अलग प्रकरणों के रूप में न देखा जाए। विभागवार और क्षेत्रवार आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि किन योजनाओं, सेवाओं या विभागों से संबंधित शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं।

यदि एक ही तरह की शिकायतें बड़ी संख्या में प्राप्त होती हैं, तो उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। इससे हेल्पलाइन व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के साथ सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद कर सकेगी।

बस्तर और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी हेल्पलाइन की जानकारी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के जिलों से प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए सीएम हेल्पलाइन विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि उन्हें अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय या राजधानी तक आने की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन 1076 की जानकारी अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए। इसके लिए ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाए। लोगों को यह भी बताया जाए कि वे किस तरह अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

तकनीकी और प्रक्रियागत कमियां दूर करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन अभी शुरुआती दौर में है। इसलिए प्राप्त अनुभवों के आधार पर तकनीकी और प्रक्रियागत कमियों को लगातार दूर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कॉल रिस्पॉन्स, शिकायत पंजीयन, संबंधित विभाग तक शिकायत पहुंचाने, निर्धारित समय-सीमा में निराकरण और शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने की पूरी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य प्रक्रियाओं को जटिल बनाना नहीं, बल्कि शासन को नागरिकों के और करीब लाना है।

जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी उपलब्धि: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है और सीएम हेल्पलाइन 1076 इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को विश्वास हो कि उसकी बात शासन तक पहुंचेगी, उसे सुना जाएगा और उसकी जायज समस्या का समय पर समाधान होगा। शासन और जनता के बीच विश्वास जितना मजबूत होगा, सुशासन की व्यवस्था उतनी ही प्रभावी बनेगी।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल, विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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