बालाघाट। जिले के किरनापुर थाने पर 15 सितंबर को हुए पथराव और हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, घटना के बाद करीब 90 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद इनमें से 77 लोगों को छोड़ दिया गया है, जबकि 60 से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है।

एसपी ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। जांच में जो लोग घटना में वास्तव में शामिल पाए जाएंगे, उन्हीं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा।
पुलिस का दावा- पहले से सुनियोजित थी घटना
एसपी आदित्य मिश्रा ने किरनापुर थाने पर हुए पथराव को लेकर दावा किया कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि पहले से सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस अब इस कथित साजिश के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
एसपी के मुताबिक, घटना से ठीक पहले 14 और 15 सितंबर को क्षेत्र के कई गांवों में बड़ी मात्रा में शराब की पेटियां पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने के लिए शराब का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
CCTV और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस उपद्रव और पथराव में शामिल लोगों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है। इसके तहत क्षेत्र के CCTV फुटेज, घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है।
पुलिस अन्य तकनीकी माध्यमों से भी घटना की कड़ियां जोड़ने और कथित साजिश में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
कुछ संदिग्धों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच में
एसपी ने बताया कि हिरासत में लिए गए और संदिग्धों की सूची में शामिल कुछ लोगों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस उनके पूर्व रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच कर रही है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होना अपने आप में इस घटना में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करता। पुलिस वर्तमान मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रही है।
उपद्रवियों की पहचान बताने पर 10 हजार का इनाम
पुलिस ने पथराव करने वाले संदिग्धों की पहचान में आम लोगों से सहयोग मांगा है। एसपी आदित्य मिश्रा ने घोषणा की है कि वीडियो या अन्य साक्ष्यों में दिखाई दे रहे आरोपियों की पहचान या उनके संबंध में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सरपंच और सचिव ने पुलिस को सहयोग का भरोसा दिया
मामले की जांच में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जा रहा है। किरनापुर के सरपंच और सचिव ने एसपी आदित्य मिश्रा से मुलाकात की है।
उन्होंने पुलिस को वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने और घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग का भरोसा दिलाया है।
निष्पक्ष जांच का एसपी ने दिया भरोसा
एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि पुलिस की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि जांच में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी और किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा।