November 6, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। डीडी नगर थाना क्षेत्र में फर्जी MG मोटर्स एजेंसी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 21 लाख 45 हजार 700 रुपये ठगने का आरोप है। वहीं आजाद चौक थाना क्षेत्र में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक डॉक्टर से 25.66 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन देखकर एजेंसी के लिए किया आवेदन

पहला मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने फेसबुक पर MG मोटर्स की एजेंसी से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के जरिए एजेंसी लेने के लिए आवेदन किया गया।

आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने खुद को MG मोटर्स का कर्मचारी बताते हुए पीड़ित से संपर्क किया। पंजीयन के नाम पर उससे 2.95 लाख रुपये जमा कराए गए।

सुरक्षा राशि के नाम पर भी लिए 18.50 लाख रुपये

शिकायत के अनुसार, पंजीयन राशि लेने के बाद आरोपियों ने सुरक्षा राशि के नाम पर 18.50 लाख रुपये और जमा करा लिए। इस तरह पीड़ित से कुल 21 लाख 45 हजार 700 रुपये लिए गए।

इसके बाद पीड़ित को 12 MG कारें उपलब्ध कराने का झांसा दिया गया। आरोप है कि जब इसके लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त रकम की मांग की गई, तब पीड़ित को पूरे मामले पर संदेह हुआ।

इसके बाद उसने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Crypto Currency में निवेश के नाम पर डॉक्टर को बनाया निशाना

ठगी का दूसरा मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। यहां एक डॉक्टर से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 25.66 लाख रुपये की ठगी किए जाने की शिकायत सामने आई है।

शिकायत के मुताबिक, फेसबुक के जरिए एक युवती ने डॉक्टर से संपर्क किया और उसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद डॉक्टर का एक कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पंजीयन कराया गया।

पहले मुनाफा दिखाकर जीता भरोसा

आरोप है कि शुरुआत में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर डॉक्टर को मुनाफा दिखाया गया। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और UPI के जरिए रकम जमा कराई गई।

धीरे-धीरे डॉक्टर से कुल 25.66 लाख रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने रकम निकालने या प्रक्रिया पूरी करने के लिए वेरिफिकेशन चैनल फीस के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग की।

RBI के नाम पर भेजा गया कथित फर्जी पत्र

शिकायत के अनुसार, जब डॉक्टर से और रकम की मांग की गई तो उन्हें RBI की गाइडलाइन का हवाला देते हुए एक कथित पत्र भी भेजा गया। पत्र की सत्यता पर संदेह होने के बाद डॉक्टर को पूरे मामले में ठगी का अहसास हुआ।

इसके बाद उन्होंने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की और आजाद चौक थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई।

रेशमी गुप्ता और सुरेश चौहान के खिलाफ मामला दर्ज

आजाद चौक पुलिस ने शिकायत के आधार पर रेशमी गुप्ता और सुरेश चौहान के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक खातों, UPI लेनदेन, मोबाइल नंबर और कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

दोनों मामलों में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ठगी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई।

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