भोपाल के जेपी अस्पताल में बकाया भुगतान को लेकर डॉक्टरों का विरोध तेज हो गया है। पिछले पांच महीने से स्टाइपेंड और तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज तीन डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। डॉक्टरों ने बकाया भुगतान नहीं होने पर पहले ही आंदोलन की चेतावनी दी थी।

भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों में डॉ. शुभम कश्यप, डॉ. मनीष बरसरे और डॉ. रविंद्र पाल शामिल हैं। डॉक्टरों का आरोप है कि स्टाइपेंड रोकने और वेतन भुगतान के मामले में नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसके चलते उन्हें आर्थिक तंगी के साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल अधीक्षक ने बताई वेतन रोकने की वजह
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय जैन ने डॉक्टरों की भूख हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित डॉक्टर बिना पूर्व सूचना के छुट्टी पर चले गए थे। इसी वजह से उनकी सैलरी रोकी गई थी। उन्होंने दावा किया कि बाकी दिनों का वेतन भुगतान किया जा चुका है।
डॉ. जैन ने कहा कि डॉक्टरों का इस तरह हड़ताल पर बैठना शासकीय नियमों के विरुद्ध है। उनके मुताबिक, आंदोलन करने के बजाय डॉक्टरों को अपनी समस्या वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखनी चाहिए थी।
भुगतान को लेकर आमने-सामने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन
एक ओर डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड और वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल कर रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने अनुपस्थिति को वेतन रोकने की वजह बताया है। ऐसे में अब बकाया भुगतान और डॉक्टरों की शिकायतों को लेकर अस्पताल प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।