1. 700 सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती
- उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
- 700 रिक्त सहायक प्राध्यापक पदों पर जल्द सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
- अन्य रिक्त पदों को भरने के लिए भी नया प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के माध्यम से होने वाली भर्ती का दस्तावेज सत्यापन तेज़ी से पूरा कराया जाएगा।
2. 31 जुलाई तक प्राचार्यों की पदोन्नति
- सभी स्नातक महाविद्यालयों में 31 जुलाई 2026 तक नियमित प्राचार्यों की पदोन्नति पूरी करने के निर्देश।
- नए शिक्षा सत्र में कोई भी स्नातक कॉलेज बिना नियमित प्राचार्य के नहीं रहेगा।
3. पदोन्नति और कर्मचारियों के लिए फैसले
- वर्ष 2019 से पहले लंबित सहायक प्राध्यापकों को 1990 के नियमों के अनुसार पदोन्नति मिलेगी।
- वरिष्ठ एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान की सूचियां जल्द जारी होंगी।
- अतिथि प्राध्यापकों की सेवा शर्तों में सुधार के लिए समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी।
- सहायक ग्रेड-3 और चतुर्थ श्रेणी की नियुक्तियां राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की जाएंगी।
4. अंग्रेजी संप्रेषण कोर्स
- ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए “90 घंटे, 90 दिन” का अंग्रेजी संप्रेषण (Communication) कोर्स शुरू किया जाएगा।
- उद्देश्य विद्यार्थियों की अंग्रेजी बोलने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाना है।
5. वित्तीय पारदर्शिता
- कॉलेजों को बजट जारी करने से पहले प्रशासनिक स्वीकृति अनिवार्य होगी।
- नए महाविद्यालयों के विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान किए जाएंगे।
- वित्तीय अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
6. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का विस्तार
- चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के बाद अब स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।
- 5वें और 6वें सेमेस्टर के पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
7. प्रशासनिक सुधार
- ‘अपर संचालक’ और ‘प्राचार्य’ के पदों को अलग करने का निर्णय।
- प्राचार्यों के कार्यकाल का ऑडिट कराया जाएगा ताकि लंबित जांच और ऑडिट मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
कुल मिलाकर, बैठक में भर्ती, पदोन्नति, अतिथि प्राध्यापकों के हित, अंग्रेजी कौशल विकास, वित्तीय पारदर्शिता और NEP के विस्तार जैसे विषयों पर कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए गए। इनमें सबसे बड़ा फैसला 700 सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का माना जा रहा है।