November 6, 2026

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, शादी का झांसा देने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। डॉ. अंबेडकर नगर, इंदौर के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 21 वर्षीय आरोपी गोकुल को पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत भी आरोपी को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है। इसके अलावा कुल 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

स्कूल जाने के लिए निकली थी नाबालिग

अभियोजन के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 की सुबह 16 वर्षीय बालिका स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। शाम तक घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। स्कूल और रिश्तेदारों के यहां तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो 4 अक्टूबर को बड़गोंदा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

दो महीने बाद मिली बालिका

पुलिस ने करीब दो महीने बाद 17 दिसंबर 2025 को बालिका को दस्तयाब किया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि आरोपी गोकुल उसे बहला-फुसलाकर उज्जैन ले गया था और शादी का झांसा देकर उसके साथ एक से अधिक बार दुष्कृत्य किया।

इसके बाद पुलिस ने मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया।

8 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

मामले की जांच के दौरान बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया गया, घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन की ओर से अदालत में 8 गवाहों के बयान कराए गए।

प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।

पीड़िता को एक लाख रुपये देने की अनुशंसा

अदालत ने नाबालिग को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत एक लाख रुपये की राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है।

शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ज्योति अजमेरा ने मामले में पैरवी की। अभियोजन संचालनालय के अनुसार, अदालत ने 24 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया।

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