भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 17 सितंबर की शाम दीप जलाने की अपील की गई है। इसी बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पर निशाना साधा है।

‘ताली-थाली और नोटबंदी’ का जिक्र कर साधा निशाना
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में नितिन नबीन को संबोधित करते हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने कोरोना काल के दौरान हुए ‘ताली-थाली’ कार्यक्रम और नोटबंदी के दौरान लगी कतारों का जिक्र किया।
पटवारी ने सवाल उठाया कि इंदौर में जलाया जाने वाला यह दीया कहीं इन पुराने घटनाक्रमों की याद तो नहीं दिलाएगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में ‘रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था’ कहावत का भी इस्तेमाल किया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर पूछे सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार के 12 वर्षों में जनता को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़कें, युवाओं को रोजगार और किसानों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी मिली है, तो ऐसे आयोजन किए जाने का औचित्य है।
वहीं पटवारी ने महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने अपने बयान में इन मुद्दों पर जवाब मांगते हुए कहा कि दीया जलाने से पहले जनता के सवालों का अंधेरा दूर करना जरूरी है।
‘विकास का दीया या सियासी नौटंकी?’
पटवारी ने अपने बयान में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर ‘विकास का दीया या सियासी नौटंकी’ का सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा है, तो ऐसे आयोजन जनता के वास्तविक सवालों का जवाब नहीं देते।
पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं, लेकिन साथ ही सरकार से जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की।
बीजेपी का ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम क्या है?
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शाम 6 से 7 बजे के बीच घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है। पार्टी के अनुसार, प्रधानमंत्री के जन्मदिन से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत हो रही है, जिसके तहत एक महीने तक विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां महंगाई, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल कर रही है, वहीं बीजेपी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को जोड़कर कार्यक्रम आयोजित कर रही है।