नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में बांद्राभान रोड स्थित मालाखेड़ी क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंके जाने का मामला सामने आया है। रिहाइशी इलाके में कचरे के ढेर से इस्तेमाल की गई ग्लूकोज की बोतलें, सिरिंज, दवाइयों के खाली रैपर और क्लीनिक व मेडिकल स्टोर की पर्चियां मिली हैं। खुले में पड़े इस तरह के मेडिकल कचरे से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

नगर पालिका टीम ने मौके पर पहुंचकर बनाया पंचनामा
मामले की सूचना मिलने के बाद नगर पालिका सीएमओ वैभव देशमुख और स्वच्छता निरीक्षक अनुराग तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और पंचनामा तैयार किया।
नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकना बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन है। टीम ने मौके से मिले कचरे और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।
पर्चियों से क्लीनिक और मेडिकल स्टोर की जानकारी मिली
कचरे की जांच के दौरान नगर पालिका टीम को डॉ. अतुल दुबे और गोस्वामी मेडिकल स्टोर समेत अन्य संस्थानों के नाम वाली पर्चियां मिलीं। अधिकारियों ने इन पर्चियों को जब्त कर लिया है।
स्वच्छता निरीक्षक अनुराग तिवारी ने बताया कि पर्चियों पर दर्ज जानकारी के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मेडिकल वेस्ट यहां किसने और कहां से लाकर फेंका।
संदिग्ध व्यक्ति ने आरोप से किया इनकार
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, पर्ची में मिली जानकारी के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को बुलाया गया था। हालांकि, उसने खुले में मेडिकल कचरा फेंकने के आरोप से इनकार कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि मौके से मिले साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कचरा किस व्यक्ति या संस्थान की ओर से यहां फेंका गया।
पर्ची दिखाने पर व्यक्ति के चले जाने का दावा
स्वच्छता निरीक्षक अनुराग तिवारी के मुताबिक, पर्ची के आधार पर डॉ. अतुल दुबे से संपर्क किया गया था। इसके बाद उनकी क्लीनिक से एक व्यक्ति मौके पर आया। अधिकारी के अनुसार, जब उसे संबंधित पर्ची दिखाई गई तो उसने पर्ची फाड़ दी और वहां से चला गया।
नगर पालिका ने कहा है कि मामले की जांच जारी है। मेडिकल वेस्ट फेंकने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार चालानी और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।