सतना। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उज्जैन से एनआईसी के माध्यम से सतना कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन के समय लगातार 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

सतना में नर्मदा का पानी पहुंचाने की योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना और आसपास के इलाकों में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए बड़ी जल योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सतना क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नहरों के जरिए नर्मदा नदी का पानी लाने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से धार्मिक और पौराणिक महत्व वाली मंदाकिनी नदी में भी पानी पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
धान की सरकारी खरीदी पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों द्वारा उत्पादित धान की शासकीय स्तर पर पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।
इससे किसानों को अपनी उपज के लिए सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ मिलने की बात कही गई।
सतना में मसाला खेती को मिलेगा बढ़ावा
सतना क्षेत्र की कृषि क्षमता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां हल्दी का उत्पादन भी पर्याप्त मात्रा में होता है। ऐसे में सरकार क्षेत्र में मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहित करेगी।
सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अन्य कृषि गतिविधियों के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार पर जोर दे रही है।
किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से दिन के समय लगातार 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस घोषणा को किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
‘बलराम कृषि महोत्सव’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र के विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।