November 6, 2026

रायपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक और विज्ञान तक सीमित विषय नहीं रह गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, प्रशासन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में AI के बढ़ते इस्तेमाल ने राज्यों के सामने नई संभावनाओं के साथ नई चुनौतियां भी खड़ी की हैं। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच साल की अवधि के लिए 500 करोड़ रुपये के राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक मिशन का उद्देश्य AI, कौशल विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुशासन को बढ़ावा देना है।

इस मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब और पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने तथा करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण

राज्य सरकार की योजना AI को केवल सरकारी तंत्र तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों और युवाओं के कौशल विकास से जोड़ने की है। मिशन के तहत करीब 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को AI के उपयोग और इससे जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।

AI के साथ मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और दूसरी उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करने में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उद्योगों से जुड़ाव और प्रशिक्षण के बाद रोजगार या उद्यमिता के अवसरों पर निर्भर करेगा।

100 AI लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

राज्य AI मिशन के तहत प्रदेश में 100 AI डेटा लैब विकसित करने की योजना है। इसके अलावा शोध, नवाचार और विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।

इन संस्थानों का उद्देश्य AI से जुड़े प्रशिक्षण, शोध और नवाचार के लिए आधार तैयार करना है। यदि इनका नेटवर्क छोटे शहरों और दूरस्थ जिलों तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है तो तकनीकी प्रशिक्षण की पहुंच महानगरों से बाहर भी बढ़ सकती है।

300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग

AI आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना भी मिशन का एक प्रमुख हिस्सा है। सरकार ने 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हालिया कार्यक्रम में युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों के रूप में तैयार करने पर जोर दिया था।

स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए इनक्यूबेशन, तकनीकी मार्गदर्शन, फंडिंग और उद्योग से जुड़ाव जैसे समर्थन महत्वपूर्ण होंगे। छत्तीसगढ़ में पहले से ही तकनीकी और स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए IT Park Durg जैसी पहल की जा रही है, जहां सरकार, IIT Bhilai और उद्योग के बीच सहयोग पर जोर दिया गया है।

नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क की तैयारी

AI इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की योजना भी सामने आई है। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में डिजिटल और AI आधारित गतिविधियों के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत होगा तथा नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं।

यह पहल राज्य के AI मिशन के साथ मिलकर डेटा, कंप्यूटिंग और तकनीकी सेवाओं के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।

कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में AI के इस्तेमाल की संभावना

AI का उपयोग केवल IT क्षेत्र तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में इसका इस्तेमाल कृषि, स्वास्थ्य, खनन, उद्योग और सरकारी सेवाओं में स्थानीय जरूरतों के अनुसार किया जा सकता है।

कृषि क्षेत्र में मौसम, फसल और बाजार से जुड़ी जानकारी के विश्लेषण से किसानों को बेहतर सलाह देने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में मरीजों के डेटा और जांच रिपोर्ट के विश्लेषण से डॉक्टरों को सहायता मिल सकती है। वहीं प्रशासन में AI आधारित सिस्टम सेवाओं की निगरानी और नागरिकों तक जानकारी पहुंचाने में उपयोगी हो सकते हैं।

राज्य सरकार की योजना 50 से अधिक सरकारी सेवाओं को AI आधारित बनाने की भी बताई गई है।

चुनौती सिर्फ AI लैब बनाने की नहीं, परिणाम देने की भी

500 करोड़ रुपये के AI मिशन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसके प्रभावी क्रियान्वयन की होगी। केवल लैब और सेंटर स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ प्रशिक्षित शिक्षक, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी सामग्री, स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी भी जरूरी होगी।

खास तौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं तक AI प्रशिक्षण की पहुंच बनाना महत्वपूर्ण होगा। यदि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार, इंटर्नशिप, स्टार्टअप और उद्यमिता के वास्तविक अवसर मिलते हैं, तभी इस मिशन के लक्ष्यों का प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देगा।

तकनीक के साथ स्थानीय जरूरतों पर फोकस जरूरी

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि, खनन, इस्पात और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में राज्य के AI इकोसिस्टम को स्थानीय समस्याओं के समाधान से जोड़ना इसकी उपयोगिता बढ़ा सकता है।

AI आधारित समाधान यदि किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों, छोटे कारोबारियों और सरकारी सेवाओं के लाभार्थियों तक पहुंचते हैं, तो तकनीकी निवेश का असर व्यापक हो सकता है। साथ ही डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, पारदर्शिता और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।

युवाओं के कौशल से तय होगी मिशन की सफलता

छत्तीसगढ़ के 500 करोड़ रुपये के AI मिशन ने राज्य में तकनीक, कौशल और उद्यमिता के लिए एक व्यापक लक्ष्य जरूर तय किया है। 100 AI लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 300 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग और 7.5 लाख विद्यार्थियों-सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना इसका बड़ा हिस्सा है।

अब इस मिशन की सफलता इस बात से तय होगी कि योजनाएं जमीन पर किस गति और गुणवत्ता के साथ लागू होती हैं और प्रशिक्षण हासिल करने वाले युवा अपने कौशल को रोजगार, नवाचार और उद्यमिता में कितना बदल पाते हैं। यही वह चरण होगा, जहां AI को केवल तकनीकी पहल के बजाय छत्तीसगढ़ के विकास और नागरिक सेवाओं से जोड़ने की वास्तविक परीक्षा होगी।

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