November 6, 2026

खैरागढ़। जिले में बिक रहे पान मसाला उत्पादों को लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पानराज पान मसाला और सितार पान मसाला के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने दोनों उत्पादों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है।

मामला 22 अप्रैल 2026 को लिए गए खाद्य नमूनों से जुड़ा है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने दोनों उत्पादों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे थे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।

पानराज पान मसाला में मानक से अधिक मिली राख

जांच में पान राज केसर युक्त पान मसाला के 128 ग्राम पैकेट के नमूने में कुल राख की मात्रा 9.62 प्रतिशत मिली। पान मसाला के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा 8 प्रतिशत बताई गई है।

इसी तरह ऐसी राख, जो पतले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में नहीं घुलती, उसकी मात्रा 0.60 प्रतिशत मिली, जबकि निर्धारित सीमा 0.5 प्रतिशत है। जांच रिपोर्ट में मैग्नीशियम की मात्रा 0.34 प्रतिशत और कार्बोनेट से संबंधित परीक्षण का भी उल्लेख किया गया है। इन परीक्षण परिणामों के आधार पर नमूने को असुरक्षित घोषित किया गया।

सिर्फ बिक्री नहीं, भंडारण और वितरण पर भी रोक

प्रशासन की कार्रवाई केवल दुकानों पर बिक्री रोकने तक सीमित नहीं है। पानराज और सितार पान मसाला की बिक्री, भंडारण और वितरण पर भी रोक लगाई गई है।

इसका मतलब है कि दुकानदार इन दोनों उत्पादों को न तो बेच सकते हैं और न ही बिक्री के उद्देश्य से स्टॉक में रख सकते हैं। एक स्थान से दूसरे स्थान पर इनकी आपूर्ति भी प्रतिबंधित रहेगी।

अब प्रशासन के सामने बाजार में उपलब्ध इन उत्पादों के स्टॉक की निगरानी और प्रतिबंध के बाद इनकी बिक्री पूरी तरह रोकने की जिम्मेदारी होगी।

पान मसाला और सुपारी को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता

किसी खाद्य नमूने के असुरक्षित पाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उस उत्पाद का सेवन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बीमारी होगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि जांच किया गया नमूना निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा।

वहीं, पान मसाले में इस्तेमाल होने वाली सुपारी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से सावधानी बरतने की सलाह देते रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर संबंधी शोध संस्था (IARC) ने सुपारी यानी एरेका नट को कैंसरकारी पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया है। सुपारी के नियमित सेवन को मुंह के कैंसर सहित स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिमों से जोड़ा गया है।

यदि पान मसाले के साथ तंबाकू का सेवन किया जाता है तो तंबाकू से जुड़े अतिरिक्त स्वास्थ्य जोखिम भी सामने आते हैं। लंबे समय तक तंबाकू और सुपारी का सेवन मुंह और गले से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

बाजार में कितना स्टॉक पहुंचा, प्रशासन के सामने सवाल

खैरागढ़ में दोनों ब्रांड के नमूने असुरक्षित पाए जाने के बाद अब प्रशासन के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इन उत्पादों का कितना स्टॉक बाजार में पहुंच चुका है और प्रतिबंध के बाद दुकानों में कितना माल बचा हुआ है।

साथ ही प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिबंध लागू होने के बाद इन उत्पादों की बिक्री या वितरण चोरी-छिपे न हो।

फिलहाल जांच रिपोर्ट के आधार पर पान राज सैफ्रॉन ब्लेंडेड पान मसाला और सितार पान मसाला की बिक्री, भंडारण और वितरण प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में बिकने वाले अन्य पान मसाला उत्पादों की खाद्य सुरक्षा जांच और निगरानी को लेकर भी ध्यान बढ़ा है।

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