बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े CBI मामले में शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2026 की तारीख तय की गई है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष हुई। शुक्रवार की सुनवाई और अगली तारीख की जानकारी की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में भी हुई है।

भूपेश बघेल ने CBI के खिलाफ याचिका दायर कर 24 जनवरी 2026 को विशेष CBI अदालत द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी है। इस आदेश के जरिए मार्च 2025 में उन्हें मामले से डिस्चार्ज करने वाले आदेश को पलट दिया गया था और उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ाने का निर्देश दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला CBI बनाम कैलाश मुरारका एवं अन्य से जुड़ा है और 2017 में सामने आए कथित मॉर्फ्ड/आपत्तिजनक वीडियो मामले से संबंधित है। CBI ने जांच के बाद भूपेश बघेल समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले में कथित वीडियो को तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जोड़कर देखा गया था।
4 मार्च 2025 को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI), रायपुर ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर भूपेश बघेल को मामले से डिस्चार्ज कर दिया था। इसके बाद CBI ने इस आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दायर की।
24 जनवरी 2026 को पलटा गया था डिस्चार्ज आदेश
24 जनवरी 2026 को विशेष CBI अदालत ने CBI की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए भूपेश बघेल को डिस्चार्ज करने वाले पूर्व आदेश को रद्द कर दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और आरोप तय करने की कार्रवाई का रास्ता खुला। अन्य आरोपियों से संबंधित याचिकाओं पर भी उसी कार्यवाही में आदेश पारित किए गए थे।
इसी आदेश को भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से पुनरीक्षण अदालत के अधिकार क्षेत्र और उपलब्ध साक्ष्यों को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं, जबकि CBI की ओर से पुनरीक्षण अदालत के आदेश को उचित बताया गया है।
जुलाई में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगाई थी रोक
इस याचिका पर जुलाई 2026 में हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए CBI की विशेष अदालत में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई थी। यह रोक अगली सुनवाई तक प्रभावी रहने के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट ने उस समय CBI से जवाब भी मांगा था।
अब शुक्रवार को हुई सुनवाई पूरी नहीं होने के कारण मामले को आगे के लिए टाल दिया गया है। 25 नवंबर 2026 को हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई होगी। मामले के अंतिम गुण-दोष पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।