भोपाल। मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 सितंबर को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों के साथ वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। बैठकों में टेलीकॉम, सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर, ड्रोन, स्पेसटेक और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, अधोसंरचना और निवेश सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने वन-टू-वन बैठकों में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की संभावनाओं को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ रिसर्च और इनोवेशन के अवसरों की जानकारी निवेशकों को दी।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार, बेंगलुरु में आयोजित निवेशक राउंडटेबल में TMZ को लेकर करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए। इससे पहले दिल्ली और मुंबई में हुए निवेशक संवादों के बाद TMZ के लिए 5,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और करीब 18,000 रोजगार की संभावनाएं बताई गई थीं।
Tholons का 210 करोड़ का GCC प्रस्ताव
आईटी और GCC सेक्टर में भी मध्यप्रदेश के लिए निवेश प्रस्ताव सामने आए। Tholons के चेयरमैन एवं CEO अविनाश वशिष्ठ और अंकिता वशिष्ठ ने प्रदेश में करीब 210 करोड़ रुपये के निवेश से GCC यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की।
वहीं CGI की ओर से भी मध्यप्रदेश में GCC से जुड़े विस्तार की संभावनाओं में रुचि जताई गई।
चिप डिजाइन में 200 करोड़ के प्रस्ताव
सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव मिले। Aseem Maven Silicon के संस्थापक एवं CEO शिवकुमार पी.आर. ने करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसके पहले चरण में 25 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई गई।
Core-IC Technologies के संस्थापक एवं CEO पंकज गर्ग ने भी अलग-अलग चरणों में करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज स्थापित करने की योजना पर चर्चा की।
स्टार्टअप्स के लिए 200 करोड़ की फंडिंग पर चर्चा
डीपटेक और वेंचर कैपिटल क्षेत्र में Seafund के नरेंद्र भंडारी ने मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा की।
इसके अलावा Ninestars Information Technologies के चेयरमैन एवं CEO गोपाल कृष्णन ने प्रदेश में आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की।
ड्रोन, स्पेसटेक और सस्टेनेबिलिटी में भी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। Airbound, ideaForge, Nautical Wings, NewSpace and Research Technologies और Unmanned Systems के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में ड्रोन निर्माण और टेस्टिंग इकोसिस्टम विकसित करने के अवसरों पर चर्चा की।
इसके अलावा स्पेसटेक, मोबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश में विस्तार और निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
छोटे शहरों में भी उद्योग और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को केवल इंदौर, उज्जैन और भोपाल तक सीमित नहीं रखना चाहती। ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ MSME और लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाएं और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
बेंगलुरु की तकनीकी विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश के औद्योगिक आधार को जोड़कर टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती तकनीकों में निवेश बढ़ाने पर बैठकों में जोर रहा।