November 8, 2026

जबलपुर। मध्य प्रदेश के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से मरीज को निजी अस्पताल भेजने और आयुष्मान कार्ड के बावजूद अतिरिक्त राशि मांगने का मामला सामने आया है। मामले से जुड़ा ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सीएमएचओ कार्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल भेजने का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे एक मरीज को कथित तौर पर उपचार उपलब्ध कराने के बजाय निजी अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों के मुताबिक मरीज को आशीष हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

परिजनों का आरोप है कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल में अतिरिक्त राशि की मांग की गई। उनके अनुसार, आयुष्मान कार्ड के जरिए करीब 47 हजार रुपये की राशि काटी गई, इसके बाद भी डॉक्टरों की ओर से 30 हजार रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया गया।

परिजनों का कहना है कि अतिरिक्त राशि देने में असमर्थता जताने पर रात करीब 10 बजे मरीज को पूरा उपचार दिए बिना अस्पताल से बाहर कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

डॉक्टर का ऑडियो वायरल, जांच के आदेश

मामले में निजी अस्पताल के डॉक्टर अंकुर बंसल का मरीज के परिजनों से कथित तौर पर पैसों की मांग से जुड़ा ऑडियो सामने आया है। इसके अलावा घटना से संबंधित वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।

ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद मामला स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंचा। CMHO और मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

जांच टीम पूरे मामले में मरीज को मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल भेजे जाने, आयुष्मान कार्ड के इस्तेमाल, कथित अतिरिक्त राशि की मांग और उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।

प्रशासन की ओर से जांच के बाद तथ्य सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

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