रायपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

तीनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और तीनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है। उनके मुताबिक, SIR का फैसला तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिया गया है।
साय ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों की वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने कांग्रेस पर झूठ और सनसनी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उचित नहीं है।
कैबिनेट सचिव को पत्र के मुद्दे पर भी बोले CM
मुख्यमंत्री ने उस रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसके आधार पर चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट सचिव को लिखे गए कथित पत्र का SIR से कोई संबंध नहीं है और यह सामान्य प्रशासनिक विषय से जुड़ा मामला है।
साय ने कहा कि कांग्रेस को किसी भी रिपोर्ट या दावे पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है, उन पर भी कांग्रेस भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
‘कांग्रेस चुनाव हारने पर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाती है’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब जनता की अदालत में चुनाव हारती है तो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अपनी नाराजगी जाहिर करती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को समझती है।
साय ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर देश के सामने माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की वैश्विक प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि संस्था की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है।
EVM को लेकर राहुल गांधी पर भी निशाना
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के EVM से जुड़े बयानों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन इसी चुनाव प्रणाली के जरिए कांग्रेस के विधायक और सांसद चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे हैं।
साय ने सवाल किया कि अगर राहुल गांधी को EVM पर भरोसा नहीं है, तो क्या वे उन चुनावी परिणामों से मिले पदों से इस्तीफा देंगे?
विदेशों में भारत की छवि को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों से भारतीय संवैधानिक संस्थाओं, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं।
साय ने भारतीय सेना को लेकर राहुल गांधी के पूर्व बयानों का जिक्र करते हुए उनकी आलोचना की और कहा कि ऐसे बयानों के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।
‘पूरा देश चुनाव आयोग के साथ खड़ा है’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक विरोध और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के बीच अंतर समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पूरा देश चुनाव आयोग के साथ खड़ा है।
प्रेस वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडे, महामंत्री अखिलेश सोनी, नवीन मारकंडे और मीडिया प्रभारी हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।