जगदलपुर। बस्तर का ऐतिहासिक बस्तर दशहरा शुरू हो गया है। उत्सव के तहत जगदलपुर में पारंपरिक रथ निर्माण का कार्य जारी है। इसी क्रम में बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने रथ निर्माण स्थल पर पहुंचकर श्रमदान किया और कारीगरों का उत्साह बढ़ाया।

150 से अधिक कारीगर कर रहे रथ का निर्माण
जगदलपुर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन के सामने झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के 150 से अधिक कारीगर रथ निर्माण में जुटे हैं। इस वर्ष बस्तर दशहरा के लिए आठ चक्कों वाला विजय रथ तैयार किया जा रहा है। रथ निर्माण बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का अहम हिस्सा है।
देवी की सेवा मानकर किया श्रमदान: महेश कश्यप
सांसद महेश कश्यप ने रथ निर्माण स्थल पर श्रमदान करते हुए कारीगरों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बस्तर में आदिवासी समुदायों सहित विभिन्न जातियों के लोग अपने-अपने हिस्से का योगदान देवी की सेवा के रूप में करते हैं। इसी परंपरा के तहत उन्होंने भी रथ निर्माण में श्रमदान किया।
परंपरा और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है बस्तर दशहरा
बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और जनभागीदारी के लिए जाना जाता है। रथ निर्माण में बड़ी संख्या में कारीगरों की भागीदारी इस आयोजन की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाती है।