छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार, NHAI और बिलासपुर नगर निगम के कामकाज पर उठाए सवाल; धनेली से एयरपोर्ट मार्ग पर भी लिया संज्ञान, दिवाली के बाद नवंबर में अगली सुनवाई

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सड़कों के निर्माण और रखरखाव में लापरवाही को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और बिलासपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट कहा कि सड़कों का निर्माण करना और उन्हें दुरुस्त रखना सरकार, NHAI और नगर निगम की जिम्मेदारी है, कोर्ट की नहीं। कोर्ट के पूर्व आदेशों का समुचित पालन नहीं होने पर भी खंडपीठ ने गहरी नाराजगी जताई।
सड़क निर्माण और रखरखाव को लेकर सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सड़कों की स्थिति और उनके रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी को रेखांकित किया। अदालत ने कहा कि सड़कों को बेहतर स्थिति में रखना संबंधित सरकारी विभागों और एजेंसियों का दायित्व है।
कोर्ट ने अपने आदेशों के अनुपालन को लेकर भी नाराजगी जताई और संबंधित पक्षों से इस दिशा में गंभीरता से काम करने की अपेक्षा की।
धनेली से एयरपोर्ट मार्ग की स्थिति पर भी संज्ञान
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने धनेली से विधानसभा रोड होते हुए एयरपोर्ट तक जाने वाले मार्ग की स्थिति पर भी संज्ञान लिया। अदालत ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे 8 अप्रैल 2025 को जारी आदेश के अनुपालन की जानकारी प्रस्तुत करें।
इस निर्देश के बाद मामले में संबंधित आदेश पर हुई कार्रवाई और सड़क की स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से दी जाने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष हुई। इस दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, अधिवक्ता प्रतीक शर्मा और आशुतोष कछवाहा उपस्थित रहे।
दिवाली के बाद नवंबर में अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए नवंबर में तारीख निर्धारित करने की बात कही है। सुनवाई दिवाली के बाद होगी। अब संबंधित एजेंसियों की ओर से सड़क निर्माण, रखरखाव और पूर्व आदेशों के अनुपालन को लेकर क्या जानकारी पेश की जाती है, इस पर नजर रहेगी।