उज्जैन। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन में पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया। महाकाल लोक के अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शक्ति पथ से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रों का वाचन किया और डमरू वादन भी हुआ।

मुख्यमंत्री बोले- सार्वजनिक परिवहन की कमी दूर करने की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान महाकालेश्वर को नमन करते हुए कहा कि उज्जैन में लगातार विकास कार्यों की नई सौगात मिल रही है। उन्होंने कहा कि करीब 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें संचालित हुआ करती थीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक बस सेवा बंद करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब इस कमी को दूर करने की दिशा में कदम उठाया गया है। राज्य परिवहन निगम की बसें एक राज्य से दूसरे राज्य तक चलेंगी और शहरों के भीतर भी नगरीय स्तर पर बस सेवा संचालित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 बसों की सुविधा शुरू की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी।
एक ही बस से कर सकेंगे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन
उज्जैन दर्शन सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को एक ही परिवहन व्यवस्था के माध्यम से शहर के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाना है। इस सेवा के लिए निर्धारित मार्ग में मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों, नदी घाटों और प्रमुख परिवहन केंद्रों को शामिल किया गया है।
उज्जैन दर्शन बस का निर्धारित रूट
बस सेवा का मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा। इसके बाद बस इन प्रमुख स्थलों से होकर गुजरेगी:
- महाकाल लोक
- हरसिद्धि मंदिर
- क्षिप्रा नदी
- ऋणमुक्तेश्वर महादेव
- भर्तृहरि गुफा
- गढ़ कालिका माता मंदिर
- काल भैरव मंदिर
- सिद्धवट मंदिर
- अंगारेश्वर मंदिर
- मंगलनाथ मंदिर
- सांदीपनि आश्रम
- भूखी माता मंदिर
- चिंतामण गणेश मंदिर
- अष्ट विनायक मंदिर
- शनि नवग्रह मंदिर
- इस्कॉन मंदिर
- बस स्टैंड
- उज्जैन रेलवे स्टेशन
इन सभी स्थानों के बाद बस दोबारा मेघदूत वन पार्किंग पर पहुंचेगी।
उज्जैन दर्शन सेवा का किराया ₹200
उज्जैन दर्शन बस सेवा का निर्धारित किराया ₹200 रखा गया है। यात्रियों को भुगतान के लिए यूपीआई की सुविधा भी मिलेगी। इससे श्रद्धालु और पर्यटक डिजिटल माध्यम से टिकट का शुल्क जमा कर सकेंगे।
पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी बसें
उज्जैन दर्शन सेवा में संचालित होने वाली बसें इलेक्ट्रिक होंगी और इन्हें जीरो एमिशन के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से स्थानीय स्तर पर वाहन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा की शुरुआत से शहर में सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ेंगे। निर्धारित मार्ग में प्रमुख मंदिरों और दर्शनीय स्थलों को शामिल किए जाने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से उज्जैन में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।