शहडोल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 25 अक्टूबर 2026 को हुए शहडोल दौरे से पहले जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध करने का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए। विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धनपुरी, बुढ़ार और अमलाई थाना क्षेत्रों में पुलिस ने हिरासत में लिया था।

किसान, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर कांग्रेस का विरोध
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार की कथित किसान विरोधी और जनविरोधी नीतियों, वोट चोरी के आरोप, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और शहडोल जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर विरोध जताने की बात कही थी।
पार्टी की योजना के मुताबिक, जिलेभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कांग्रेस भवन में एकत्रित होकर वहां से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल की ओर कूच करना था।
बाणगंगा मैदान में हुआ था मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 अक्टूबर को एक दिवसीय दौरे पर शहडोल पहुंचे थे। बाणगंगा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में छह जिलों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को सिंगल क्लिक के माध्यम से बोनस राशि वितरित करने का कार्यक्रम रखा गया था।
इसके अलावा करीब 400 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण तथा डीएफओ कार्यालय के उद्घाटन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रखी थी नजर
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी थी। शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा था कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई थी। इस घटनाक्रम के बीच प्रशासन के सामने सरकारी कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती थी।