भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में मतदाता सूची में छूटे हुए नाम जोड़ने और विवरण में त्रुटियों को सुधारने के लिए दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष शिविर का आज दूसरा और अंतिम दिन है। जिन मतदाताओं के नाम किसी कारणवश सूची से हट गए हैं या दर्ज नहीं हो पाए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अभियान का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने और सूची में दर्ज जानकारी को दुरुस्त करने में मदद करना है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से फॉर्म-6 उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए क्या करें?
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं और सूची में नाम शामिल कराने के इच्छुक पात्र नागरिकों के लिए फॉर्म-6 महत्वपूर्ण है। विशेष अभियान के दौरान BLO घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं, ताकि पात्र मतदाता आवेदन कर सकें।
जिन लोगों का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में शामिल नहीं रह गया, वे भी अपनी पात्रता के अनुसार नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने से पहले संबंधित निर्वाचन अधिकारी से जरूरी दस्तावेजों और प्रक्रिया की पुष्टि करना उचित होगा।
दस्तावेजों को लेकर क्या है व्यवस्था?
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन करते समय निर्धारित पहचान, आयु और निवास संबंधी दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, केवल पिता का आधार कार्ड, बच्चे की मार्कशीट, पासपोर्ट साइज फोटो या बिजली बिल के आधार पर हर मामले में नाम जुड़ जाने की गारंटी नहीं है। आवश्यक दस्तावेज आवेदक की स्थिति और निर्वाचन आयोग के लागू नियमों के अनुसार तय होंगे। इसलिए फॉर्म जमा करने से पहले BLO या निर्वाचन कार्यालय से दस्तावेजों की पुष्टि कर लें।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों से भी साझा होगी सूची
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए BLO द्वारा तैयार की जाने वाली सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा करने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है।
इससे सूची में शामिल किए जा रहे नामों की प्रक्रिया पर निगरानी रखने और संबंधित जानकारी की जांच करने में मदद मिल सकती है।
भोपाल में लाखों नाम हटने का दावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मध्य प्रदेश में करीब 42 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। वहीं, भोपाल जिले में लगभग 3 लाख 88 हजार नाम हटाए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, हटाए गए सभी नामों को पात्र मतदाताओं के नाम कटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में विभिन्न कारणों से नाम हटाए जा सकते हैं। जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करना चाहिए।
नाम जुड़ा है या नहीं, ऐसे करें जांच
मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचने के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल Voters’ Services Portal का उपयोग किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित BLO या निर्वाचन कार्यालय से भी संपर्क करें।
विशेष शिविर का दूसरा दिन होने के कारण पात्र मतदाता आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जल्द प्राप्त कर लें। नाम जोड़ने या सुधार का अंतिम निर्णय निर्धारित नियमों और सत्यापन के आधार पर होगा।