मध्य प्रदेश के पन्ना में रुंज-मझगांय और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के मुआवजे का मुद्दा गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विस्थापित परिवारों के साथ पन्ना कलेक्ट्रेट का घेराव कर समय पर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय और मुआवजा वितरण में पक्षपात करने के आरोप लगाए।

पात्र परिवारों को मुआवजा नहीं मिलने पर उठाए सवाल
उमंग सिंघार ने कहा कि परियोजनाओं से प्रभावित कुछ परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन पात्र होने के बावजूद कई परिवार अब तक इससे वंचित हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं और मुआवजे से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच नहीं की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार दिया जाए और मुआवजा वितरण में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विधानसभा में भी उठेगा विस्थापितों का मुद्दा
उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि विस्थापित परिवारों की मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों को न्याय मिल सके।
फिलहाल, विस्थापित परिवारों की मुआवजे संबंधी मांगों और लगाए गए आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।