मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड जमीन विवाद में भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) को बड़ा झटका लगा है। एमपी नगर स्थित प्रेस कॉम्प्लेक्स की जमीन से बेदखली के मामले में जिला कोर्ट ने बीडीए की याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, इस फैसले के बावजूद जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। संपत्ति से जुड़े अन्य कानूनी मामले भी जारी हैं।

1981 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को आवंटित हुई थी जमीन
पूरा मामला एमपी नगर के प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित करीब 1.14 एकड़ जमीन से जुड़ा है। वर्ष 1981 में इस जमीन का आवंटन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को किया गया था।
बताया जाता है कि वर्ष 2001 में जमीन पर इमारत बनने और उसके अलग-अलग हिस्सों को अन्य लोगों को बेचे जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। इमारत के विभिन्न हिस्सों पर कई खरीदारों ने भी अपना मालिकाना हक जताया है।
2014 में BDA ने जारी किया था नोटिस
जमीन के कथित दुरुपयोग और आवंटन की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए भोपाल विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2014 में नोटिस जारी किया था। इसके बाद बीडीए ने आवंटन निरस्त कर बेदखली के लिए अदालत का रुख किया था।
अब जिला कोर्ट ने बेदखली से जुड़ी बीडीए की याचिका खारिज कर दी है। इससे इस मामले में प्राधिकरण को फिलहाल कानूनी मोर्चे पर झटका लगा है।
मालिकाना हक और आपराधिक मामला अब भी बाकी
जिला कोर्ट के फैसले से जमीन का मालिकाना विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। संपत्ति और उससे संबंधित मशीनरी को कथित तौर पर हड़पने के आरोपों से जुड़ा एक अन्य आपराधिक मामला भी विचाराधीन बताया जा रहा है।
ऐसे में प्रेस कॉम्प्लेक्स की इस जमीन पर मालिकाना हक और अन्य कानूनी पहलुओं को लेकर विवाद आगे भी जारी रह सकता है।