दुर्ग। निवेश पर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फॉरेक्स ट्रेडिंग इंस्टीट्यूट खोलने और निवेश पर अच्छा रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर 18 लाख 63 हजार रुपये से अधिक की रकम बकाया रखने का आरोप है। पुलिस ने मामले में आरोपी मीनल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फिलहाल न्यायिक रिमांड पर है।

फिनविज़न ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने का दिया था भरोसा
एएसपी शोजराज अग्रवाल के मुताबिक, शिकायतकर्ता अक्षय राठौर कृषि व्यवसाय से जुड़े हैं। एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात 35 वर्षीय मीनल चौहान से हुई थी। आरोप है कि मीनल ने रायपुर के वीआईपी चौक स्थित करेंसी टावर में फिनविज़न ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू करने की बात कही और निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।
21.96 लाख रुपये से ज्यादा लिए, करीब 3.33 लाख लौटाए
शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच इंस्टीट्यूट के संचालन से जुड़े खर्चों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों के जरिए कुल 21 लाख 96 हजार रुपये से अधिक की रकम ली गई। इसमें स्टाफ की सैलरी, ऑफिस का किराया, मेंटेनेंस और विज्ञापन जैसे खर्च शामिल बताए गए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस रकम में से करीब 3 लाख 33 हजार रुपये ही वापस किए गए, जबकि 18 लाख 63 हजार रुपये से अधिक की राशि बकाया रह गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज, कार जब्त
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। जांच के बाद आरोपी मीनल चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी की कार भी जब्त की है। फिलहाल आरोपी न्यायिक रिमांड पर है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
निवेश से पहले संस्था का पंजीयन जांचने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संस्था या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसका पंजीयन और संबंधित दस्तावेज जरूर जांचें। यदि साइबर ठगी की आशंका हो, तो राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।